कासगंज। जिले में बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाना, तेज रफ्तार से वाहन चलाना, ट्रिपल राइडिंग सहित अन्य कारणों से भी सड़क हादसे बढ़ रहे है। यूं कहा जाएं कि यातायात नियमों की अनदेखी कर दुपहिया वाहन चालक खतरे में जान डाल रहे है। ट्रिपल राइडिंग जैसी लापरवाही से भी हो रहे 303 हादसे में दस माह में 163 लोगों की जान जा चुकी है। जबकि 186 लोग घायल हुए है।
लोगों को अलग - अलग जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूक किया जाता है। यातायात के नियम भी सख्त हुए हैं। जुर्माने की राशि बढ़ी है। इसके बावजूद दोपहिया वाहनों पर तीन लोग तो आम तौर पर सवार नजर आते हैं, लेकिन इन वाहनों पर चार से पांच लोग भी अक्सर सवार नजर आते हैं। यातायात माह के शुभारंभ पर मंगलवार को ऐसे नजारे सड़कों पर देखे गए। हर दस वाहनों के गुजरने के बीच दो वाहनों पर तीन सवार नजर आएं । हेलमेट तो ज्यादातर सवारों के सिर पर नहीं था। हेलमेट लगाने से भी लोग बचते हैं। चिकित्सकों के मुताबिक सड़क दुर्घटनाओं में ज्यादातर जानें हेड इंजरी की वजह से जाती हैं। यदि दो पहिया वाहन चालक हेलमेट पहनते तो हादसे में उनकी जान बच जाती। कासगंज -बरेली मार्ग पर ट्रिपल राइडिंग के नजारे आम देखने को मिले। यहां बाइक पर अधिकतर तीन युवक सवार होकर सड़क पर फर्राटा भर रहे थे। कोई भी हेलमेट नहीं लगाया था। सोरों गेट के शहरी इलाके में भी अधेड़ उम्र के तीन सवार बाइक पर थे। यहां भी चालक के सिर पर हेलमेट नहीं था। यही आलम सोरों गेट इलाके के आंबेडकर पार्क के पास नजर आया। यहां बाइक के पेट्रोल टैंक पर एक बच्चा सवार था। जबकि एक महिला सहित तीन अन्य सवार थे। इन सवारों की तेज रफ्तार बाइक निकली। यहां बाइक चालक हेलमेट नहीं लगाए था। बिलराम गेट चौराहे पर तो एक बाइक पर दो बच्चों सहित पांच सवार थे, लेकिन यहां गनीमत थी कि बाइक चालक हेलमेट लगाए था। दो बच्चे बाइक की पेट्रोल के टैंक पर बैठे थे। जबकि एक महिला और बालिका चालक के पीछे थी।