आगरा। इंग्लैंड की धरती पर गेंद और बल्ले से दम दिखा रहीं आगरा की दीप्ति शर्मा के लिए द हंड्रेड आने वाली अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से पहले परफेक्ट प्रैक्टिस मंच बन गया है। दुनिया की शीर्ष खिलाड़ियों के बीच खेलने से उन्हें विदेशी परिस्थितियों में अपनी तैयारियों को परखने का मौका मिल रहा है। सनराइजर्स की ओर से खेल रहीं दीप्ति ने गेंद के साथ-साथ जरूरत के समय बल्ले से भी उपयोगी योगदान दिया है।
दीप्ति के सामने अब लगातार दो बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट हैं। महिला एशिया कप 28 अगस्त से 13 सितंबर तक दुबई में खेला जाना है। इसके बाद जापान में होने वाले एशियाई खेलों की महिला क्रिकेट प्रतियोगिता 17 से 22 सितंबर तक होगी। एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में दीप्ति को भी शामिल किया गया है।
इंग्लैंड की पिचों, मौसम और अलग परिस्थितियों में खेलने का अनुभव दीप्ति के लिए दोनों टूर्नामेंट में उपयोगी रहेगा।
दीप्ति के भाई सुमित शर्मा ने कहा, द हंड्रेड में ऑलराउंडर के तौर पर मैच की अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने का अभ्यास उन्हें बड़े मुकाबलों के लिए तैयार कर रहा है। आगरा क्रिकेट एसोसिएशन की सदस्य डॉ तूलिका कपूर ने कहा, विदेशी लीग का अनुभव दीप्ति के लिए काफी उपयोगी है। इससे का आत्मविश्वास बढ़ेगा। पिछले वर्ष विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रह चुकीं दीप्ति भारतीय टीम की प्रमुख ऑलराउंडरों में हैं। ऐसे में द हंड्रेड में मिल रही मैच प्रैक्टिस उन्हें एशिया कप और एशियाई खेलों से पहले लय और आत्मविश्वास हासिल करने का अहम मौका दे रही है।
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इनसेट : तेरह विकेट के साथ रहीं टीम की टॉप विकेट-टेकर
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आगरा। इंग्लैंड की द हंड्रेड में सनराइजर्स लीड्स की ओर से खेलते हुए दीप्ति ने टूर्नामेंट में 13 विकेट लिए और टीम की सबसे सफल विकेट-टेकर रहीं।
दीप्ति ने एमआई लंदन के खिलाफ उन्होंने दो विकेट लेकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। सदर्न ब्रेव के खिलाफ एलिमिनेटर में दीप्ति ने 22 गेंदों पर नाबाद 28 रन बनाकर सनराइजर्स को पांच विकेट से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई और टीम को फाइनल में पहुंचाया।
फाइनल में सनराइजर्स लीड्स को ट्रेंट रॉकेट्स से हार का सामना करना पड़ा। दीप्ति को इस मुकाबले में विकेट नहीं मिला, जिससे उनके टूर्नामेंट के विकेटों की संख्या 13 पर रही। इसके बावजूद वह सनराइजर्स लीड्स की पूरे सीजन की टॉप विकेट-टेकर रहीं। संवाद