शहर में मेट्रो रेल का काम जल्द रफ्तार पकड़ सकता है। अधिकारियों की मानें तो स्वतंत्रता दिवस के तोहफे के रूप में मुख्यमंत्री यहां 14 अगस्त को मेट्रो रेल परियोजना का शिलान्यास कर सकते हैं।
योगी कैबिनेट ने मेट्रो रेल को मंजूरी दे दी है। अब मंत्रालय से होते हुए नीति आयोग तक योजना पहुंचेगी। नीति आयोग ने भी मेट्रो योजना के संबंध में सकारात्मक रुख दिखाया है।
रेल इंडिया टेक्निकल एंड इंजीनियरिंग सर्विसेज (राइट्स) द्वारा तैयार मेट्रो की विस्तृत योजना रिपोर्ट (डीपीआर) को योगी कैबिनेट ने स्वीकृत दे दी है।
मेट्रो
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करीब 10,830 करोड़ की इस परियोजना के अंतर्गत शहर में मेट्रो ट्रेन संचालन के लिए दो कॉरीडोर तैयार किए गए हैं। पहला कॉरीडोर सिकंदरा से ताजमहल पूर्वी गेट और दूसरा कॉरीडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार के बीच होगा।
दोनों ही रूट पर 15-15 स्टेशन होंगे। पहले कॉरीडोर की दूरी 14 किमी और दूसरे की 16 किमी होगी। इस तरह से मेट्रो शहर के 30 किमी के क्षेत्र में सफर कराएगी।
परियोजना के अंतर्गत सबसे पहले ताजमहल और आईएसबीटी के बीच मेट्रो का कार्य शुरू होगा। इसके लिए पीएसी परिसर में यार्ड बनाने का फैसला हो चुका है। बताया जा रहा है कि पीएसी परिसर से ही योजना का शुभारंभ होगा।
पहला कॉरीडोर: सिकंदरा से ताज पूर्वी गेट
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सिकंदरा, गुरु का ताल, आईएसबीटी, शास्त्रीनगर, यूनिवर्सिटी, आरबीएस कॉलेज, राजामंडी, आगरा कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, जामा मस्जिद, आगरा फोर्ट, ताजमहल, फतेहाबाद रोड, बसई, ताज पूर्वी गेट।
दूसरा कॉरीडोर: आगरा कैंट-कालिंदी विहार
आगरा कैंट, सुल्तापुरा, सदर बाजार, प्रतापपुरा, कलेक्ट्रेट, सुभाष पार्क, आगरा कॉलेज, हरीपर्वत, संजय प्लेस, एमजी रोड, सुल्तानगंज की पुलिया, कमला नगर, रामबाग, फाउंड्री नगर, मंडी, कालिंदी विहार।
परियोजना के अनुसार, पहले कॉरीडोर के आठ स्टेशन अंडरग्राउंड होंगे। इसमें यूनिवर्सिटी, आरबीएस कॉलेज, राजामंडी, आगरा कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, जामा मस्जिद, आगरा फोर्ट, ताजमहल स्टेशन।
सिकंदरा से ताजमहल के पूर्वी गेट तक प्रस्तावित पहले कॉरीडोर के अंतर्गत खंदारी से ताजमहल तक मेट्रो ट्रेन अंडरग्राउंड जाएगी। यानी पहले कॉरीडोर के अंतर्गत मेट्रो अधिकांश दूरी अंडरग्राउंड ही चलेगी। दूसरा कॉरीडोर एलिवेटिड होगा।
मेट्रो ट्रेनों के संचालन के लिए दोनों कॉरीडोर पर एक-एक डिपो तैयार होगा। परियोजना के अनुसार, पीएसी ग्राउंड पर 16.3 हेक्टेयर जगह में मेट्रो ट्रेनों के लिए मरम्मत डिपो और दूसरा कालिंदी विहार में 11.9 हेक्टेयर की जमीन पर बनेगा।
आगरा। प्रधानमंत्री ने भी आगरा, कानपुर, बनारस जैसे शहरों में मेट्रो चलाने का भरोसा दिलाया था। अब लोकसभा चुनाव सिर पर हैं और अभी तक इन शहरों में मेट्रो रेल का काम खास आगे नहीं बढ़ सका है।
कुछ लोगों का मानना है कि हवाई बातेें हैं, लेकिन कुछ लोग कहते हैं कि चुनाव से पहले तो कुछ तो देना होगा। मेट्रो जैसी लोकलुभावन योजना के सहारे भाजपा चुनावी मैदान में कूदेगी।