आगरा। देशभर में शुक्रवार को हॉकी के शताब्दी वर्ष का जश्न मनाया गया। आगरा ने भारतीय हॉकी को पूर्व कप्तान, ओलंपियन अर्जुन अवॉर्डी जगबीर सिंह जैसा सितारा दिया है। जगबीर न सिर्फ भारत के लिए खेले, बल्कि अपने सुनहरे दौर में दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों से बनी एशियाई एकादश और वर्ल्ड इलेवन में भी शामिल रहे। शताब्दी वर्ष के माैके पर जगवीर सिंह से खास बातचीत।
अर्जुन अवार्डी जगबीर सिंह ने फोन पर हुई बातचीत में कहा कि आगरा में एक समय अखिल भारतीय ध्यानचंद हॉकी टूर्नामेंट की गूंज देशभर में सुनाई देती थी। देश के कोने-कोने से टीमें यहां खेलती थीं और मैदान खिलाड़ियों के जोश से भर जाता था। शहर के कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर अपनी पहचान बनाई, जिन्होंने आगरा का नाम खेल मानचित्र पर अंकित किया।
हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का भी आगरा से गहरा जुड़ाव रहा। वे कई बार यहां आए, कभी टूर्नामेंट देखने, तो कभी अपनी बेटी और दामाद से मिलने, जो उस समय आर्मी में तैनात थे। उनके आगमन से टूर्नामेंट का गौरव और बढ़ जाता था।
ओलंपियन जगबीर सिंह ने कहा कि आगरा की मिट्टी में हॉकी की खुशबू आज भी बसती है। यहां खेलना हमेशा गर्व की बात रही। हॉकी ने हमें अनुशासन, सम्मान और देशप्रेम सिखाया है। वहीं आगरा हॉकी संघ के सचिव संजय गौतम ने कहा शताब्दी वर्ष हमारे लिए यादों और संकल्प का मौका है। ताजनगरी में हॉकी के पुनरुत्थान की जरूरत है।