आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने एक बार फिर स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों की प्रयोगात्मक एवं मौखिक परीक्षाओं की तिथि बढ़ा दी है। पहले 10 जनवरी तक प्रयोगात्मक परीक्षाएं कराने के निर्देश दिए गए थे। अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन्हें 15 जनवरी तक कराने का निर्णय लिया है।
विश्वविद्यालय की विषम सेमेस्टर की मुख्य परीक्षाएं 22 दिसंबर को समाप्त हो चुकी हैं। विवि से संबद्ध कई आवासीय परिसरों की परीक्षाएं देर तक चलीं। इसके कारण प्रयोगात्मक परीक्षाएं निर्धारित तिथि तक पूरा कराना संभव नहीं हो सका। वहीं, इस बार समर्थ पोर्टल के माध्यम से प्रवेश और परीक्षा प्रक्रिया होने के कारण प्रथम सेमेस्टर के छात्रों का डाटा समय से उपलब्ध नहीं हो पाया, जिससे कॉलेजों को प्रयोगात्मक और मौखिक परीक्षाएं कराने में दिक्कतें आईं। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने पहले 31 दिसंबर से तिथि बढ़ाकर 10 जनवरी की थी। प्रयोगात्मक परीक्षा समिति के अनिल गुप्ता ने बताया कि छात्रहित को ध्यान में रखते हुए और परीक्षाओं में हो रही देरी से एक बार फिर इसे 15 जनवरी तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। जिन महाविद्यालयों में किसी विषय में 20 से अधिक छात्र पंजीकृत हैं, वहां परीक्षाएं स्वकेंद्र कराई जाएंगी। उनके परीक्षक पैनल तैयार कर कॉलेजों की लॉगिन आईडी पर अपलोड किया जा रहा है। लगभग 70 से 80 प्रतिशत महाविद्यालयों के पैनल पहले ही जनरेट किए जा चुके हैं।
वहीं, जिन महाविद्यालयों में छात्र संख्या 20 से कम है, वहां प्रयोगात्मक और मौखिक परीक्षाएं पहले से घोषित नोडल केंद्रों पर नोडल प्रभारियों की देखरेख में आयोजित की जाएंगी।
छात्रों और कॉलेजों को राहत
तिथि बढ़ाए जाने से महाविद्यालयों को प्रयोगात्मक परीक्षाएं बिना किसी दबाव के और सुचारु रूप से कराने का अवसर मिलेगा। इस निर्णय से छात्रों को भी राहत मिलेगी और किसी का परिणाम केवल तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से प्रभावित नहीं होगा।