बाह: जैतपुर के पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में सिद्धचक्र महामंडल विधान की तस्वीरें
बाह। जैतपुर के पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में रविवार को सिद्धचक्र महामंडल विधान का छठवां दिन श्रीजी के अभिषेक, शांतिधारा और नित्य नियम पूजा के साथ शुरू हुआ।
विधानाचार्य जयपुर के सम्मेद जैन शास्त्री ने अपने प्रवचन में कहा कि प्रभु नाम जपने से नवजीवन मिलता है। भगवान के निकट रहने से आत्मा रूपी दीपक प्रकाशमान हो जाता है। जन्मों से संचित अंधकार रूपी कर्मों का नाश होता है। सिद्ध भगवान का स्मरण और विधान करने से आत्मा पर चढ़े आठ कर्मों का क्षय होता है। उन्होंने बताया कि श्रद्धा एवं भक्ति के साथ विधान करने वाला व्यक्ति निरोगी जीवन की ओर अग्रसर होता है। उन्होंने बताया कि एक फूल का जीवन भले ही सुबह से शाम तक का होता है, लेकिन वह अपनी सुगंध से लाखों लोगों को आनंदित कर जाता है। संध्या बेला में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं नृत्य नाटिका का आयोजन हुआ, जिसमें धर्म, संस्कृति की बयार बही। इस दौरान राहुल बजाज, महेश जैन, प्रताप जैन, नीरज जैन, नीतू जैन, सलोनी जैन, नेहा, रश्मी, चांदनी जैन, अंजली, राखी, संध्या, पारुल, कंचन जैन आदि रहे।