खेरागढ़। पीपलखेड़ा-कुल्हाड़ा मार्ग स्थित उटंगन नदी पर बनी पुलिया बारिश में आई बाढ़ में टूटकर बह गई थी। छह माह बाद भी मरम्मत नहीं हो सकी है। लोग टूटी पुलिया से जान जोखिम में डालकर आने-जाने को मजबूर हैं।
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पुलिया टूटने पर प्रशासन ने करीब डेढ़ महीने तक रास्ता बंद कर दिया था। जबकि इसी मार्ग से सीमावर्ती राजस्थान के 6 से अधिक गांवों के लोगों का तहसील मुख्यालय,ब्लॉक कार्यालय तथा मुख्य बाजार, विद्यालय आदि आना-जाना होता है। वहीं कुल्हाड़ा स्थित प्राचीन मंदिर एवं आश्रम पर भी इसी रास्ते से लोग आते-जाते हैं। परेशान ग्रामीणों ने टूटी रपट पुलिया पर मिट्टी डालकर रास्ता बना लिया है। पर, हादसे की आशंका बनी रहती है। कुल्हाड़ा गांव निवासी पप्पू तोमर, सत्यप्रकाश, ओमवीर, वासुदेव आदि ने पुलिया (रपट) निर्माण कराए जाने की मांग की है।