आगरा। कमिश्नरेट में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ कम करने के लिए 14 क्रिटिकल काॅरिडोर चिह्नित किए गए हैं। इन काॅरिडोर पर पुलिस की अलग-अलग टीम (क्रिटिकल काॅरिडोर टीम) तैनात रहेगी जो दुर्घटना की सूचना पर तत्काल पहुंचेगी।
यह टीम घायलों को गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाने से लेकर केस में विवेचना तक का कार्य करेगी। इसके साथ ही पुलिसकर्मी दुर्घटना बाहुल क्षेत्र में रोड इंजीनियरिंग में बदलाव के लिए संबंधित विभागों से पत्राचार कर समाधान निकालने में भी प्रमुख भागीदारी निभाएगी। आई रेड एप पर दुर्घटना का कारण, मृत्यु और घायलों की जानकारी भी पुलिसकर्मी अपलोड करेंगे।
डीसीपी ट्रैफिक सोनम कुमार ने बताया कि वर्ष 2025 में रामबाग से एत्मादपुर (एनएच-19), फाउंड्री नगर से खंदाैली (एनएच-509), सैंया से ककुआ और रायभा से रायपुर जाट (एनएच-44), जमाल नगर भैंस, बरहन से रामबाग, फतेहपुर सीकरी (एनएच-21) और बसई चाैकी, ताजगंज से कचाैरा घाट (एसएच-62) पर सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं हुईं।
यह सभी 14 थाना क्षेत्र में सामने आईं। इनमें जान जाने से लेकर घायलों की संख्या भी अधिक थी। हादसों की वजह तेज गति में वाहन चलाना, सड़क पर टर्न लेना, नशे में वाहन चलाना, झपकी आदि प्रमुख कारण रहे। इनका समय भी दिन की अपेक्षा रात रहा। इस तरह की घटनाओं में जनहानि को कम करने के लिए दुर्घटना वाले 20 किलोमीटर के क्षेत्र को क्रिटिकल काॅरिडोर के रूप में चिह्नित किया गया है।
- विभागों से पत्राचार भी करेंगे
डीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि टीम में थाने के एक दरोगा के साथ 4 सिपाही रहेंगे। पीआरवी के तरह इनका भी एक पाॅइंट तय होगा। टीम क्रिटिकल काॅरिडोर पर क्रिटिकल क्रैश लोकेशन का चिह्नीकरण करेंगी। टीम घायलों की मदद, दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने, किसी तरह के जाम की समस्या को दूर करने सहित विवेचना करेगी। एक टीम पर 40 विवेचनाएं रहेंगी।
इसके अलावा टीम वाहनों की पार्किंग के स्थल, सोशल मीडिया पर यातायात नियमों का प्रचार करेंगी। सड़कों पर बने गड्ढे, कट, मोड़, जंक्शन आदि पर साइनेज बोर्ड आदि लगवाएंगी। वाहनों की चेकिंग भी करेंगी। यह देखेंगी कि चालक नशे में वाहन तो नहीं चला रहे। उन्हें नींद तो नहीं आ रही है। रोड इंजीनियरिंग में बदलाव के लिए संबंधित विभागों से भी पत्राचार करके समाधान कराएंगी। अधिकारी टीम के कार्यों की समीक्षा करेंगे।