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Agra News: नकली दवा की फैक्टरी का बांग्लादेश तक फैला था नेटवर्क

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नकली दवा प्रकरण 
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आगरा। जिले में रहने वाले अंशुल शास्त्री, अखिलेश मौर्या और श्रीकृष्ण कुमार यादव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उनकी कुंडली खंगाल रही है। इससे पहले भी सिकंदरा और जगदीशपुरा में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की टीम ने नकली दवाओं की फैक्टरी पकड़ी थी।
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आरोपी विजय गोयल सहित अन्य को जेल भेजा गया था। फैक्टरी में नशीली और एंटी एलर्जिक दवाओं के दर्जनों नाम की नकली दवाएं मिली थीं। इन दवाओं को बांग्लादेश तक सप्लाई किया जा रहा था। विजय गोयल के खिलाफ दो बार कार्रवाई की गई थी। उसने पहले सिकंदरा और जगदीशपुरा में फैक्टरी खोली थी।
जेल से छूटने के बाद वो फिर से फैक्टरी चलाने लगा था। वह फैक्टरी में दिहाड़ी मजदूरों से काम करवाता था। एएनटीएफ ने फैक्टरी से मशीनरी और नकली दवाओं का जखीरा बरामद किया है। जिसकी कीमत करीब 8 करोड़ रुपये आंकी गई थी। वह हिमाचल प्रदेश के बद्दी साई रोड से दवा बनाने की मशीन लाया था।
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कच्चा माल (रॉ-मटेरियल) से वह सिकंदरा के यूपीएसआईडीसी क्षेत्र में दवाएं तैयार करता था। दवाएं तैयार करने के लिए रॉ-मटेरियल यूपी, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली आदि मंगाया जाता था। इसके बाद दवाओं की लेबलिंग, पैकेजिंग कर देश के विभिन्न राज्यों में माल की सप्लाई की जाती थी। शहर में नकली और नशे की दवाओं के मामले में विभिन्न राज्यों की टीमें कई दवा विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी हैं।
ये दवाएं हुईं थीं जब्त
नकली दवा की फैक्टरी से दवा बनाने की मशीन के साथ-साथ नकली दवाओं का जखीरा पकड़ा गया था, जिनमें अल्प्राजोलम, अल्प्रासेफ, अल्जोसेल टेबलेट्स, ट्रामाडोल प्राक्सीवेल कैप्सूल के भारी मात्रा में कार्टून मिले थे। इनमें कुछ दवाएं लेबलिंग लगाकर तैयार की गई थीं तो कुछ दवाएं तैयार हो रही थीं।
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