आगरा। व्यावसायिक सिलिंडर महंगा होने के बाद भी नहीं मिल रहा है। घरेलू और व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति में कटौती के बाद भी एलपीजी का बैकलॉग बढ़ रहा है। जिसका खामियाजा आम आदमी को महंगाई के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
जिले में करीब 13 लाख घरेलू गैस के उपभोक्ता हैं। इंडियन ऑयल, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम कंपनियों से एलपीजी की आपूर्ति होती है। 88 डिस्ट्रीब्यूटर्स हैं। पिछले एक माह से गैस किल्लत से कालाबाजारी बढ़ गई है, तो बैकलॉग के कारण बुकिंग के बाद भी लोग सिलिंडर के लिए भटक रहे हैं। घरेलू सिलिंडर की आपूर्ति में 30% कटौती है। बुकिंग के सापेक्ष 70% गैस आपूर्ति हो रही है। मई में 70 हजार से अधिक घरेलू और एक लाख से अधिक व्यावसायिक सिलिंडर आपूर्ति का बैकलॉग है। यही हालात रहे तो जून और जुलाई तक बैकलॉग और बढ़ सकता है, जिससे गर्मियों में गैस की किल्लत गहरा सकती है।
टीटीजेड में कोयला, लकड़ी व डीजल भट्टियां प्रतिबंधित होने के कारण एलपीजी की खपत अधिक है। जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार का कहना है कि आपूर्ति को सामान्य बनाने के लिए लगातार कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है। चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के संरक्षक राजेश गोयल ने बताया कि एक बार खाद्य पदार्थों की कीमत बढ़ने के बाद कम नहीं होती। गैस की उपलब्धता में दिक्कत आ रही है।