मैनपुरी। राज्य निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को मैनपुरी के डीएम और एसपी को पत्र भेजकर जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव निष्पक्ष कराने के लिए कहा है। साथ ही सपा के प्रदेश अध्यक्ष के शिकायती पत्र में उठाए गए बिंदुओं पर जांच कराने के आदेश भी दिए। इससे पूर्व भी राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला प्रशासन मैनपुरी को एक शिकायती पत्र के संबंध में आख्या उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे।
वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव चल रहा है। सपा समर्थित जिला पंचायत सदस्यों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद सपा विरोध में उतर आई है। इसी के चलते सोमवार को सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने राज्य निर्वाचन आयुक्त को एक शिकायती पत्र सौंपा था। इसमें प्रदेश के कई जिलों में जिला पंचायत सदस्यों पर फर्जी मुकदमे दर्ज करने और उत्पीड़न की शिकायत की थी। इसमें मैनपुरी को भी शामिल किया गया था।
इसी के चलते मंगलवार को निर्वाचन आयोग की ओर से जिलाधिकारी मैनपुरी और पुलिस अधीक्षक मैनपुरी को पत्र भेजा गया है। इसमें बिना किसी पक्षपात के निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही शिकायत में उठाए गए बिंदुओं की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के लिए लिखा है। जिले में तीन जुलाई को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मतदान होना है, ऐसे में लगातार चुनाव आयोग के पत्र आने से प्रशासन गंभीर है।
सपा प्रत्याशी की शिकायत पर मांगी जा चुकी है आख्या
इससे पूर्व भी जिला प्रशासन को निर्वाचन आयोग एक पत्र भेजकर आख्या मांगा चुका है। ये आख्या निर्वाचन आयोग ने सपा प्रत्याशी मनोज यादव की शिकायत पर मांगी थी। इसमें जिला पंचायत सदस्यों पर फर्जी एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही उन पर दबाव बनाने का अरोप लगाया गया था। मामले में डीएम को आख्या देने के लिए कहा गया था।