मैनपुरी। ओडीएफ प्लस के तहत जिले में चयनित दस गांव की स्वच्छता कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण सीधे निदेशक के सामने किया जाएगा। इसके लिए नौ जून को इन ग्राम पंचायतों के प्रधान, पंचायत सचिव, पंचायत सहायक और सफाईकर्मी लखनऊ जाएंगे। प्रस्तुतीकरण की तैयारी करने में पंचायत राज विभाग जुट गया है।
जिले की 55 ग्राम पंचायतों का चयन ओडीएफ प्लस के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए किया गया है। इन ग्राम पंचायतों को पीआरडी फाइनेंस पोर्टल पर अपनी स्वच्छता कार्ययोजना बनाकर ऑनलाइन फीड करनी है। 70 प्रतिशत से अधिक ग्राम पंचायतों ने कार्य पूर्ण कर लिया है। इसमें से सात ग्राम पंचायतों के दस राजस्व गांवों का चयन किया गया है, जो अपनी कार्ययोजना फीड करा चुकी हैं। ये ग्राम पंचायतें ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए तैयार कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण सीधे निदेशक स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के सामने देंगी। इसके लिए नौ जून को संबंधित ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, पंचायत सहायक और सफाईकर्मी लखनऊ जाएंगे। सभी ग्राम पंचायतों को कार्ययोजना से संबंधित अभिलेख और फोटो एकत्रित करने के लिए कहा गया है। पांच जून को विकास भवन में पीपीटी तैयार करने के साथ ही प्रस्तुतीकरण का अभ्यास कराया जाएगा। इसके लिए एडीपीआरओ रोहित कुमार का जिला पंचायत राज अधिकारी अविनाश चंद्र ने नोडल अधिकारी नामित किया है।
इन राजस्व गांवों का होगा प्रस्तुतीकरण
जिला पंचायत राज अधिकारी ने जिले की कुल दस ग्राम पंचायतों का चयन निदेशक स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के सामने प्रस्तुतीकरण के लिए चुना है। इसमें विकास खंड जागीर की ग्राम पंचायत औंग, ग्राम पंचायत मंछना के राजस्व गांव मंछना, नगला सोती और पर्वतपुर को शामिल किया गया है। वहीं विकास खंड सुल्तानगंज से रुई सिनौरा, मैनपुरी से रतिभानपुर, करहल से नगला जात, घिरोर से मधन और बेवर से ग्राम पंचायत परौंखा के राजस्व गांव परौंखा और घूमसपुर को चुना गया है।
सात ग्राम पंचायतों के दस राजस्व गांवों की स्वच्छता कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण निदेशक स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के सामने नौ जून को होगा। प्रधान, सचिव, पंचायत सहायक और सफाईकर्मी ये प्रस्तुतीकरण देंगे। इसके लिए तैयारी की जा रही है।
अविनाश चंद्र, जिला पंचायत राज अधिकारी