आगरा। यमुना एक्सप्रेसवे, ग्रीन फील्ड लखनऊ एक्सप्रेसवे और इनर रिंग रोड के आसपास पांच सालों में बसी आबादी का सर्किल रेट तय होगा। इसके लिए सर्वे शुरू हो गया है। यहां बने मार्केट, कच्चे-पक्के रास्ते, कृषि भूमि व जमीनों की खरीद-फरोख्त का रिकार्ड खंगाला जा रहा है। पहली बार इन क्षेत्रों के लिए सर्कि ल रेट तय होंगे। प्रत्येक आबादी क्षेत्र की सूची बन रही है।
जिला प्रशासन तीन तरह के सर्किल रेट तय करेगा। कृषि भूमि, रिहायशी व व्यावसायिक। तहसीलदार सदर रजनीश वाजपेयी ने बताया कि जहां आबादी पहले से बसी है, उसके 200 मीटर परिधि क्षेत्र को भी आबादी में ही गिना जाएगा। कलबारी, बाईंपुर सहित पांच गांव नगर निगम सीमा में शामिल होंगे। इन गांवों में जमीनों के बैनामों की जांच शुरू हो गई है। 25 मई तक सर्वे रिपोर्ट तैयार हो जाएगी। सभी लेखपाल व राजस्व टीमें सर्वे में जुटी हैं। इनर रिंग रोड पर रमाडा होटल से लेकर आसपास क्षेत्रों में खेतों में प्लाटिंग शुरू है। आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे के निकट महुअखेड़ा में भी नए रेट तय होंगे। बिल्हैनी गांवों में भी सर्किल रेटों में संशोेधन हो सकता है। उन्होंने बताया कि बिल्हैनी में डिफेंस कॉरिडोर के लिए जमीन का अधिग्रहण होना है।
जिले की छह तहसीलों में 695 गांव हैं। सदर, एत्मादपुर व किरावली में इनर रिंग रोड, यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ ग्रीन फील्ड का सर्वे हो रहा है। दूसरी तरफ प्रत्येक तहसील स्तर पर गांवों में पक्की सड़कें, नई कॉलोनियां, कच्चे रास्ते, सड़कों की पैमाइश कराई जा रही है। सड़क किनारे बसी आबादी के खसरा नंबरों की सूची बनाई जा रही है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व यशवर्धन श्रीवास्तव ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट आने के बाद आपत्तियां मांगी जाएंगी। आपत्तियों की सुनवाई के लिए 15 दिन का समय रहेगा। आपत्तियों का निस्तारण कर नया सर्किल रेट लागू करेंगे। सभी एसडीएम, तहसीलदार व उप निबंधकों को नई सर्किल रेट की सूची का सत्यापन करना होगा।
बिल्हैनी के अलावा बिझामई गांव में भी डिफेंस कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण से पहले सर्वे शुरू हो गया है। तहसील, वन विभाग, पीडब्ल्यूडी व यूपीडा की टीम ने प्रभावित खसरों की पैमाइश कराई है। तहसीलदार रजनीश वाजपेयी के अनुसार 130 किसानों ने सहमति पत्र भरे हैं। 40 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर कीमत तय की गई है। इसका चार गुना मुआवजा किसानों को मिलेगा। करीब 53 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की जाएगी।