घिरोर (मैनपुरी)। थाने में तैनात एक मुख्य आरक्षी के सीने में बृहस्पतिवार की सुबह अचानक तेज दर्द हुआ। आनन-फानन परिजन व साथी कर्मी उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज सैफई ले गए। वहां कुछ देर उपचार के बाद दम तोड़ दिया। हृदयघात से हुई मृत्यु के बाद सैफई थाना पुलिस ने इटावा में शव का पोस्टमार्टम कराया। आरक्षी की मौत के बाद परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
आगरा के थाना सैंया क्षेत्र के गांव नगला तेजा निवासी मुख्य आरक्षी अवधेश रावत (38) घिरोर थाने में तैनात थे। परिसर में ही बने आवाास में पत्नी के साथ रह रहे थे। बुधवार को अवधेश ने ड्यूटी की और सम्मन तामील कराए थे। शाम को घर आने के बाद खाना खाकर सो गए थे। बृहस्पतिवार की सुबह मुख्य आरक्षी उठने के बाहर आए तो सीने में तेज दर्द होने लगा।
घर में मौजूद अवधेश के साले ने कार्यालय आकर जानकारी दी। इसके बाद एसआई महेंद्र प्रताप सिंह आरक्षी कुमार अवधेश को सीएचसी ले गए। वहां हालत गंभीर बताते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। आनन फानन परिजन उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज सैफई ले गए। वहां उपचार के बाद चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही परिजन में चीख पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची सैफई थाना पुलिस ने मुख्य आरक्षी के शव को पोस्टमार्टम के लिए इटावा भिजवाया। आरक्षी की मौत से परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। महकमे में भी शोक व्याप्त है।
बेटे के जन्मदिन पर भी हुआ था सीने में दर्द
मुख्य आरक्षी अवधेश कुमार रावत आवास पर पत्नी श्वेता व चार बच्चों के साथ रहते थे। 29 मई को घर में नानी सास गुड्डी देवी, साले प्रदीप कुमार के साथ छोटे बेटे एक वर्षीय प्रत्युष का जन्मदिन मनाया था। बेटे के जन्मदिन पर भी अवधेश के सीने में दर्द उठा था। इसके बाद आरक्षी कस्बा के एक अस्पताल से दवा ले आया था। दवा खाने के बाद दर्द ठीक हो गया था। अवधेश ने बेटे के जन्मदिन पर अचानक हुए सीने में हुए दर्द को नजरंदाज करते हुए कोई जांच आदि भी नहीं कराई थी।