झांसी। पारीछा नहर में गिरे ट्राॅला के चालक नरपत (52) का शव हादसे के चार दिन बाद घटना स्थल से करीब 12 किलोमीटर दूर छिरौना गांव के पास से बरामद हुआ। अब हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। मंगलवार सुबह शव उतराता देख ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी थी। परिजन शव लेकर आगरा रवाना हो गए।
आगरा के थाना मलपुरा के विकास नगर स्थित चंद्र विकार कॉलोनी निवासी नरपत ट्राॅला चलाते थे। परिजनों ने बताया कि 26 दिसंबर को ट्राॅला में लोहे की चादर लादकर वह निकले थे। शुक्रवार शाम चिरगांव थाने के पारीछा ओवरब्रिज के पास ट्राॅला अनियंत्रित होकर गोलगप्पे के ठेले समेत नहर में समा गया। हादसे में दो लोगों की मौके पर मौत हो गई जबकि नरपत का कुछ पता नहीं लग सका था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि हादसे के बाद ट्राॅला का अगला हिस्सा नहर के तेज बहाव में करीब सौ मीटर दूर जा बहा था।
नरपत की तलाश में एसडीआरएफ की टीम जालौन से यहां बुलाई गई थी। पिछले चार दिनों से टीम उसे तलाश रही थी। पारीछा नहर बंद कराकर भी तलाश कराई गई लेकिन उसका पता नहीं चल सका। मंगलवार सुबह छिरौना गांव के पास नहर में शव उतराने की सूचना पर पुलिस जा पहुंची। नरपत के परिजन भी यहां उसे तलाश रहे थे। उन लोगों ने उसकी शिनाख्त की। नरपत के परिवार में पत्नी सर्वेश समेत दो पुत्र प्रशांत एवं प्रबल हैं। एक लड़की की शादी हो चुकी है। प्रशांत बीटेक कर रहा है जबकि प्रबल फौज में नौकरी करता है। क्षेत्राधिकारी अजय कुमार श्रोत्रिय के मुताबिक शव परिजनों को सौंप दिया गया है।