आगरा। अदालत के आदेश का अनुपालन न करना बैंक मैनेजर को भारी पड़ गया। सीजेएम मृत्युंजय श्रीवास्तव ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया छीपीटोला की मुख्य शाखा के शाखा प्रबंधक के खिलाफ कारण बताओ नोटिस और 10 हजार रुपये का जमानतीय वारंट जारी कर थानाध्यक्ष रकाबगंज अनुपालन कराने के निर्देश दे दिए।
सीजेएम की अदालत में वर्ष 1998 में थाना शाहगंज में धोखाधड़ी, कॉपीराइट एक्ट दर्ज हुई प्राथमिकी से संबंधित राज्य बनाम विनोद का मुकदमा लंबित था। उक्त मुकदमे में आरोपी विनोद ने अपनी जमानत कराने के लिए अदालत में अपनी एफडी प्रस्तुत की थी। 14 अक्तूबर 2024 को अदालत ने आरोपी विनोद को मुकदमे में दोष मुक्त कर दिया। आरोपी अदालत में प्रस्तुत एफडी को डिस्चार्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। 10 सितंबर 2025 को एफडी डिस्चार्ज कर दी गई। जिससे आरोपी बैंक से अपनी एफडी का भुगतान प्राप्त कर सके। आरोपी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया मुख्य शाखा छीपीटोला के शाखा प्रबंधक के पास पहुंच। उन्हें दोष मुक्ति का आदेश दिखाकर एफडी का भुगतान करने का आग्रह किया। शाखा प्रबंधक ने अदालत के आदेश का अनुपालन नहीं किया। आरोपी से कहा कि इस आदेश में उन्हें भुगतान का कोई आदेश नहीं दिया गया है। आदेश अदालत और तुम्हारे बीच है। अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने पर सीजेएम शाखा प्रबंधक को नोटिस प्रेषित किया। कथन किया कि आपका यह आचरण न्यायालय के प्रति उपेक्षा एवं न्यायिक कार्य में बाधा करने वाला प्रतीत होता है। 30 मार्च को व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर हो स्पष्टीकरण के आदेश दिए थे। शाखा प्रबंधक हाजिर नहीं हुए थे।