अमर उजाला इम्पैक्ट: बाह में मुंसिफ कोर्ट की प्रस्तावित जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की प्रकाश
बाह। मुंसिफ कोर्ट के लिए 2 जून को एडीजे ने बाह बिजली घर की जिस जमीन को देखा था, उस पर रातों रात अवैध निर्माण का मामला शनिवार को यूथ बार ने एडीएम नागरिक आपूर्ति अजय नरायन सिंह के सामने उठाया था। उनके हस्तक्षेप पर नायब तहसीलदार दयाचंद पौरुष ने निर्माण कार्य रुकवा दिया है। भू अभिलेखों की पड़ताल हो रही है।
बाह तहसील के 214 गांवों के लोगों को घर के नजदीक न्याय सुलभ कराने के लिए मुंसिफ कोर्ट की स्थापना के लिए 2 जून को एडीजे ने मुंसिफ कोर्ट के लिए खाली पड़े महिला अस्पताल, बिक्रमपुर और बिजली घर की जमीन का स्थलीय निरीक्षण किया था। शनिवार को यूथ बार के अध्यक्ष राजेश यादव के नेतृत्व में वकीलों ने सरकारी जमीन पर कब्जा किए जाने का मामला उठा कर कहा था कि जिस जमीन को जजों ने मुंसिफ कोर्ट के लिए देखा था, उस पर रातों रात अवैध निर्माण हो रहा है। उन्होंने अवैध निर्माण को रोके जाने, जांच एवं कार्यवाही की मांग की थी। लेखपाल की भूमिका पर सवाल उठाया था। अमर उजाला ने रविवार के अंक में मुंसिफ कोर्ट की प्रस्तावित भूमि पर अवैध कब्जा शीर्षक से प्रकाशित खबर के जरिए शासन प्रशासन का ध्यान खींचा था। नायब तहसीलदार दयाचंद पौरुष ने बताया कि एडीएम नागरिक आपूर्ति अजय नरायन सिंह के निर्देश पर निर्माण कार्य रुकवा दिया है, मामले की जांच की जा रही है।