घनी आबादी वाले कम्पूटोला में वृद्ध कपड़ा वयवसायी और उनकी पत्नी की सिर कुचलकर हत्या कर दी गई। तकरीबन 50 लाख रुपये के जेवरात और नगदी भी लूटी गई। एक हफ्ते पहले ही गुजरात से आया घरेलू नौकर वारदात के बाद से लापता है। संदेह है कि हत्या उसी ने की है। एसएसपी राजेश मोदक का कहना है कि नौकर ने ही घटना को अंजाम दिया है। उसकी तलाश की जा रही है।
कम्पूटोला के हरेशचंद्र अग्रवाल (70) की घर से चंद कदम दूर फव्वारा में दाऊदयाल वस्त्र भंडार के नाम से दुकान है। पत्नी ललिता देवी (66) उनके साथ रहती थीं, जबकि बेटे मुकेश और दिनेश सूरत (गुजरात) में रहकर कपड़े का कारोबार करते हैं। तीनों बेटियां अंजू उर्फ दीप्ति, बबीता और रीना आगरा में ही ब्याही हैं।
हरेशचंद्र शनिवार रात आठ बजे दुकान बंद कर घर गए। दुकान का कर्मचारी कचहरी घाट निवासी संजीव रविवार सुबह तकरीबन 10 बजे दुकान की चाबी लेने घर आया। खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो संजीव ने नूरी दरवाजा निवासी बेटी रीना को इसकी जानकारी दी। रीना पति के साथ आईं तब सीढ़ी लगाकर दूसरी मंजिल के कमरे की खिड़की का शीशा तोड़कर देखा गया तो वहां ललिता देवी मृत पड़ी थीं। फिर तो कोहराम मच गया। गली में खुलने वाले दरवाजे को धक्का दिया गया तो वह खुल गया। घर में चारों ओर खून बिखरा था। नीचे के कमरे में हरेशचंद्र का शव देख बेटी-दामाद की चीखें निकल गईं। उनकी सिर पर पांच किलो का बाट मारकर हत्या की गई थी। खून से सना बाट वहीं पड़ा था। सीढ़ियों पर खून के निशान थे। आशंका है कि हरेश ने सीढ़ी चढ़ने का प्रयास किया होगा, तभी हत्या की गई। ललिता देवी की गला दबाकर हत्या करने के बाद सिर पर प्रहार किए गए। उनके हीरे के टॉप्स, चार चूड़ियां, अंगूठी भी उतार ली गईं।
आईजी सुनील कुमार गुप्ता, डीआईजी लक्ष्मी सिंह, एसएसपी राजेश मोदक, एसपी सिटी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। आईजी ने बताया कि घटना के पीछे नौकर का हाथ सामने आया है। एक हफ्ते पहले ही उसे गुजरात से बेटों ने घरेलू कामकाज के लिए भेजा था।
हत्या से पहले हुआ था संघर्ष
घर की सीढ़ियों, स्विच बोर्ड, दीवार आदि पर खून के निशान थे। इससे लगता है कि हत्या से पहले दंपति और हत्यारे के बीच काफी संघर्ष हुआ। अलमारी खुली पड़ी थीं। नौकर ने हर कमरे की तलाशी ली है। उसने तिजोरी खोलने की कोशिश भी की मगर कामयाबी नहीं मिल पाई। बताते हैं कि तिजोरी में पुश्तैनी जेवरात रखे थे। उसकी चाबी गायब है। हत्यारे ने वारदात के बाद इत्मीनान से कई कमरों में ताले भी लगाए। व्यवसायी की कमला नगर निवासी बड़ी बेटी अंजू ने बताया कि घर में रखे दोनों भाभियों के जेवरात भी गायब हैं।