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बीच परीक्षा से बाहर निकाले गए टीईटी अभ्यर्थी, केंद्रों के बाहर हुआ जमकर हंगामा

Sun, 18 Nov 2018 06:17 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मैनपुरी
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परीक्षा केंद्र से बाहर निकाले गए अभ्यर्थी - फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी में अध्यापक पात्रता परीक्षा (TET) में दो स्कूलों के बाहर अभ्यर्थियों ने जमकर बवाल किया। वे बीच परीक्षा से निकाले जाने को लेकर नाराज थे। हंगामा करने के साथ ही उन्होंने रोड पर जाम लगा दिया। इससे वाहनों की लंबी कतार लग गई। बाद में अधिकारियों के समझाने पर चले गए। 
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रविवार को जिले में 27 केंद्रों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा हुई। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के दौरान ही अभ्यर्थियों का प्रवेश पत्र व अन्य अभिलेख देखे गए थे। इसमें बीएड का अंकपत्र न लाने वाले लोगों को गेट से ही वापस कर दिया गया। जिनके पास बीएड के अंकपत्र की प्रतिलिपि थी, ऐसे अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। 

एसबीआरएल एकेडमी में ओएमआर शीट वितरित करने के बाद इन अभ्यर्थियों को बाहर निकाल दिया गया। करीब 45 से 50 अभ्यर्थियों ने स्कूल के बाहर जमकर हंगामा किया। मैनपुरी-शिकोहाबाद मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम ने उन्हें समझाकर रास्ता खुलवाया। इस दौरान पुलिसकर्मियों से भी उनकी कहासुनी हुई।  
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फोरलेन पर लगाया जाम

वहीं डॉ. किरन सौजिया सीनियर सेकंडरी एजूकेशनल एकेडमी में भी प्रवेश न देने को लेकर जमकर हंगामा हुआ। अभ्यर्थियों ने मैनपुरी-कुरावली फोरलेन पर जाम लगा दिया। उन्होंने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अधिकारियों के पहुंचने तक वे जाम लगाए रहे। 

करीब आधा घंटे बाद डीआईओएस सर्वेश कुमार, एसडीएम सदर अशोक कुमार व सीओ परमानंद पांडेय ने पहुंचकर अभ्यर्थियों से बात की, तब जाकर अभ्यर्थी जाम खोलने के लिए तैयार हुए। अन्य परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश को लेकर अभ्यर्थी और शिक्षकों में कहासुनी हुई।  

आखिर क्यों दिया गया प्रवेश  

अभ्यर्थियों का कहना था कि उन्हें बीच परीक्षा से उठाया जाना सही नहीं है। अगर उनके पास बीएड की मार्कशीट नहीं थी तो उन्हें प्रवेश ही नहीं दिया जाना चाहिए था। प्रवेश के बाद जब उन्होंने प्रश्र हल करने शुरू कर दिए गए थे तो उन्हें क्यों निकाल दिया गया। अधिकारियों के पास भी अभ्यर्थियों के इस सवाल का कोई जवाब नहीं था। 

अभ्यर्थी कुलदीप ने बताया कि जब हमने पेपर हल करना शुरू कर दिया था तब फिर से अभिलेख जांचे गए। इसके बाद हमें बाहर निकाल दिया गया। आखिर हमें प्रवेश ही क्यों दिया गया था। वहीं सुमन ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय द्वारा अब तक बीएड का अंकपत्र नहीं दिया गया है। ऐसे में हम अंकपत्र कहां से लाते। इसमें हमारी कोई गलती नहीं है। 
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