ग्रामीणों से बातचीत करते उपजिलाधिकारी सदर आगरा सचिन राजपूत
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आगरा के मिढ़ाकुर के मजरा घड़ी दौलता में सोमवार देर रात एक विवादित भूखंड पर बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित किए जाने से दो पक्ष आमने-सामने आ गए। गांव में तनाव फैल गया। आनन-फानन में रात के अंधेरे में दूसरे स्थान पर प्रतिमा रखी गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ से बड़ा बवाल होने से टल गया। फिलहाल गांव में एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात है।
बताया जाता है कि गांव की गाटा संख्या 770, जो कि लंबे समय से विवादित है। उस पर एक समुदाय के लोगों ने सोमवार देर रात आनन-फानन में बाबा साहब की प्रतिमा स्थापित कर दी। मंगलवार सुबह जब दूसरे पक्ष को इसकी जानकारी हुई, तो आक्रोश फैल गया। सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी सदर सचिन राजपूत, एडिशनल डीसीपी (क्राइम) हिमांशु गौरव, एसीपी अछनेरा शैलेंद्र कुमार सिंह और एसीपी पिनाहट गिरीश कुमार सिंह गांव पहुंचे।
करीब एक घंटे तक चली वार्ता में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मनु सोलंकी और अन्य संभ्रांत लोगों की मौजूदगी में सहमति बनी कि बिना अनुमति प्रतिमा लगाना उचित नहीं है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि प्रतिमा लगाने के लिए पहले प्रस्ताव और कानूनी अनुमति आवश्यक है। वार्ता के बाद, प्रतिमा स्थापित करने वाले पक्ष ने स्वयं ही चबूतरा तोड़कर वहां से प्रतिमा हटा ली। प्रतिमा को सुरक्षित दूसरी जगह शिफ्ट कर माल्यार्पण किया गया। इस दौरान कुछ महिलाएं उत्तेजित हुईं, लेकिन मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
बरात घर का विवाद:
ग्रामीणों का एक पक्ष उक्त विवादित भूमि पर बरात घर बनवाने की मांग कर रहा है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मनु सोलंकी ने बताया कि ग्रामीणों ने इस संबंध में प्रार्थना पत्र दिया है, लेकिन भूमि का मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण प्रक्रिया रुकी हुई है। एसीपी अछनेरा शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। जांच की जा रही है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में पुलिस फोर्स तैनात किया गया है।