ताजमहल से आरबीएस कॉलेज तक सात भूमिगत मेट्रो स्टेशन निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने मंगलवार को टेंडर नोटिस जारी कर दिए हैं। करीब आठ महीने बाद प्राथमिकता कॉरिडोर के तीन स्टेशन भी इनमें शामिल हैं। मार्च 2024 तक छह स्टेशन के प्राथमिकता कॉरिडोर में सात किलो मीटर ट्रैक पर मेट्रो के ट्रायल का लक्ष्य है।
आगरा में दो मेट्रो कॉरिडोर प्रस्तावित हैं। जिनकी लंबाई 29 किलोमीटर है। पहला 14.5 किमी लंबा कॉरिडोर सिकंदरा से ताजपूर्वी गेट तक बनेगा। जिसमें कुल 13 स्टेशन (6 एलिवेटिड और 7 भूमिगत) हैं। पहले चरण में फतेहाबाद रोड पर छह स्टेशन (3 एलिवेटिड-3 भूमिगत) का प्राथमिकता कॉरिडोर हैं। छह स्टेशनों में अब तक सिर्फ तीन ताजपूर्वी गेट, बसई और फतेहाबाद रोड ही निर्माणाधीन है, बाकी तीन ताजमहल, आगरा किला और जामा मस्जिद स्टेशन के टेंडर भी सात स्टेशन में शामिल किए हैं। आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय ने बताया कि समय की बचत के लिए एक बार में ही सभी भूमिगत स्टेशन पर काम शुरू होगा। छोटी कंपनियों को मौका नहीं मिलेगा। बड़ी कंपनियां ही टेंडर भरेंगी। 12 अक्तूबर तक टेंडर भरे जाएंगे। जिसके बाद नवंबर 2021 तक टेंडर जारी हो सकते हैं।
स्मारकों के आसपास खोदी जाएगी सुरंग
पुरानी मंडी चौराहा से शाहजहां गार्डन के बीच भूमिगत ताजमहल स्टेशन बनेगा। ताजमहल, आगरा किला, जामा मस्जिद के अलावा एसएन मेडिकल कॉलेज, यूनिवर्सिटी, राजामंडी और आरबीएस कॉलेज तक सुरंग खोदी जाएगी। इस सेक्शन में सुरंग में होकर मेट्रो चलेगी। पुरानी मंडी चौराहा के मोड़ पर ताजमहल रैंप बनेंगी। ताजपूर्वी गेट स्टेशन के एलिवेटिड ट्रैक से आने वाली मेट्रो ताजमहल रैंप में होकर भूमिगत ट्रैक से आरबीएस कॉलेज स्टेशन पर बाहर निकलेगी। इसके बाद फिर आईएसबीटी, गुरू का ताल और सिकंदरा तक मेट्रो एलिवेटेड ट्रैक पर चलेगी।
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