25 हजार का इनाम किया गया था घोषित
पुलिस के अनुसार, 24 मार्च को थाना ताजगंज क्षेत्र से 8 वर्षीय बच्ची के लापता होने के बाद तत्काल अभियोग पंजीकृत कर उसकी बरामदगी के लिए टीमों का गठन किया गया था। खोजबीन के दौरान अगले ही दिन, यानी 25 मार्च को बच्ची का शव उसी मकान में किराए पर रह रहे सुनील के कमरे में आटे के ड्रम से बरामद हुआ। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने आरोपी सुनील की गिरफ्तारी के लिए 12 टीमों का गठन किया था और उस पर 25,000 रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
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मुखबिर से सूचना के बाद पुलिस ने की थी घेराबंदी
27 मार्च की रात को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर थाना बमरौली कटारा क्षेत्र में पुलिस टीमों ने घेराबंदी की। जैसे ही सुनील ने खुद को घिरते हुए देखा, उसने पुलिस टीमों पर एक के बाद एक कई राउंड फायर किए। इस फायरिंग में एक दरोगा गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की गोली लगने से सुनील घायल हो गया। घायल अवस्था में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
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आरोपी के कब्जे से क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने आरोपी सुनील के कब्जे से एक बिना नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, एक 315 बोर का तमंचा, छह खोखा और तीन कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस उपायुक्त, नगर सैय्यद अली अब्बास ने पुलिस की तत्परता और बहादुरी की सराहना की।