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दस गांवों में मतदान बहिष्कार का एलान

Mon, 16 Jan 2017 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
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बाह के लोहिया गांव सुंसार के लोगों ने रविवार को पंचायत कर एलान किया कि यदि यमुना की पगडंडी पर सड़क नहीं बनी तो विधानसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार किया जाएगा। - फोटो : अमर उजाला
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पावर ग्रिड के नि:शुल्क बिजली की मांग को ठुकराने के बाद 18 गांवों के किसानों का आक्रोश भड़क गया है। इसमें से दस गांवों के किसानों ने मतदान बहिष्कार का एलान किया है। विरोध स्वरूप इन गांवों में काले झंडे और बैनर लगाए जाएंगे। यह निर्णय रविवार को पावर ग्रिड के पास बनूकी माता मंदिर पर हुई 18 गांवों की पंचायत में लिया गया।
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बता दें कि पावर ग्रिड कारपोरेशन ने विस्तार करते हुए शमसाबाद रोड स्थित 18 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया था। इसको लेकर इन गांवों के किसानों ने कई मांगें रखी थी। इनमें सबसे प्रमुख इन गांवों में नि:शुल्क बिजली उपलब्ध कराने की थी। इसके लिए किसानों ने कई दिनों तक पावर ग्रिड के सामने धरना दिया। ग्रिड के गेट पर कई बार हंगामा काटा। इससे कामकाज भी प्रभावित हुआ। ऐसे में प्रशासन ने मध्यस्थता करते हुए पावर ग्रिड के अधिकारियों और किसानों के बीच वार्ता कराई। इसमें अधिकारियों ने पावर ग्रिड द्वारा इस मांग को पूरा करने में असमर्थता जताई। इसके बाद किसानों ने इन गांवों में निशुल्क विद्युत आपूर्ति के लिए सोलर पावर प्लांट स्थापित किए जाने का प्रस्ताव रखा। पावर ग्रिड के उच्च अधिकारियों ने इसे भी मानने से इनकार कर दिया। इसको लेकर किसानों ने रोष जताया। किसानों ने पावर ग्रिड के खिलाफ फिर से आंदोलन करने का निर्णय लिया है। इसकी शुरुआत मतदान बहिष्कार से की जा रही है। पंचायत में देवरी, हरकन्ना की गढ़ी, गंगरऊआ, पवावली, बजेरा, बहैटा, सुजगई, विसेरा कला और बिसेरी गौरवा के किसानों ने मतदान बहिष्कार का एलान किया। कहा, जब तक उनकी मांग पूरी नहीं जाती वह मतदान नहीं करेंगे। विरोध स्वरूप हर घर के बाहर काले झंडे भी लगाए जाएंगे। सोमवार को भी पंचायत होगी। इसमें शेष आठ के किसान भी मतदान बहिष्कार के बारे में फैसला लेंगे। पंचायत के दौरान रनवीर सिंह तोमर, ओम बाबू, दाताराम, निरौती लाल, भगवान सिंह, बनवारी लाल, राजेंद्र सिंह, हरेंद्र सिंह, शिशुपाल, मनकेश कुमार, हरिओम आदि मौजूद थे।

फिलहाल दस गांवों ने मतदान बहिष्कार का एलान किया है। सोमवार को फिर से पंचायत होगी। इसमें शेष आठ के किसान भी अपनी सहमति देंगे। गांवों में काला झंडे और मतदान बहिष्कार से संबंधित बैनर लगाए जाएंगे।
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- श्याम सिंह चाहर, जिलाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन

आचार संहिता लागू हो चुकी है। ऐसे में किसी भी मांग के संबंध में आश्वासन भी नहीं दिया जा सकता। चुनाव के बाद ही कुछ संभव हो सकेगा।
- योगेंद्र कुमार, एसडीएम सदर
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सिर्फ आश्वासन नहीं सड़क चाहिए
बाह। प्रशासन के समझाने के बाद भी बाह के लोहिया गांव सुंसार के लोगों ने रविवार को पंचायत कर एलान किया कि यदि यमुना की पगडंडी पर सड़क नहीं बनी तो विधानसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार किया जाएगा। लोकसभा चुनाव में बहिष्कार के वक्त आश्वासन देकर भी सड़क का निर्माण न होने पर ग्रामीणों ने रोष व्यक्त किया।
दो दिन पहले लोहिया गांव स़ुंसार में एसडीएम अरुण कुमार सिंह, तहसीलदार देवेन्द्र सिंह यादव ने चौपाल लगाकर लोगों को सड़क निर्माण का आश्वासन देकर मतदान में शामिल होने को प्रेरित किया था। इसके बाद रविवार को गांव में पंचायत बुलाई गई। इसमें लोकसभा चुनाव के ढाई साल बाद भी सात किमी लंबी सड़क न बनने पर रोष व्यक्त किया गया। निर्णय लिया कि अब आश्वासन नहीं सड़क चाहिये। सड़क नहीं बनी तो विधानसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार किया जाएगा। गांव में वोट मांगने आने वाले नेताओं को काले झंडे दिखाये जाएंगे। पंचायत में पूर्व प्रधान पुत्तूलाल, मुन्नालाल, पूरन सिंह, मदन गोपाल, माधौ सिंह, विद्याराम, धनपाल, राधेश्याम, जोधाराम, नानकराम, रामजीलाल आदि ने बताया कि गांव के लिए पक्की सड़क न होने से काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। तहसीलदार देवेंद्र सिंह यादव का कहना है कि सड़क की मांग ग्रामीणों ने की है। मतदान बहिष्कार की बात है तो उन्हें दोबारा समझाएंगे। बहिष्कार की जगह वे नोटा का विकल्प चुन सकते हैं।
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