कासगंज। वैश्विक महामारी कोविड-19 दस बच्चों को जिंदगी भर का दर्द दे गया। एक बच्चा जहां अनाथ हो गया, वहीं नौ के सिर से पिता का साया उठ गया। 18 वर्ष तक के अनाथ या फिर ऐसे बच्चे जिनके समक्ष देखभाल का संकट है, उनकी सूची महिला एवं कल्याण बाल कल्याण विभाग और राज्य बाल संरक्षण आयोग ने मांगी है। जिला प्रोबेशन विभाग एवं बाल कल्याण समिति ने जिले में 10 बच्चों की अब तक खोज की है।
भाई की मौत से हो गया अनाथ
ग्राम दिहारी निवासी कृष्ण कुमार (17 वर्ष) अनाथ हो गया है। उसके माता पिता की मृत्यु पहले ही हो चुकी है। भाई धर्मेंद्र के सहारे जीवन यापन कर रहा था। कोरोना से भाई की भी मौत हो जाने के बाद से अब उसके सामने जीवन यापन करने की समस्या हो गई है।
इनके सिर से उठा पिता का साया
मोहल्ला मोहन चित्रगुुप्त कालोनी निवासी दिव्यांशी (17), अंशिका (10) के पिता सुनील, सूर्य नगर निवासी संध्या (16), रितिक (14) के पिता अवनीश, आर्यनगर निवासी ओमवीर (16), सोमेश (15), अंजली (12) के पिता धर्मपाल, सत्तार बैंड गली निवासी रिषभ (16), काजल (15) के पिता नीरज की कोरोना से मौत हो चुकी है। पिता का साया सिर से उठ जाने के बाद से बच्चे मायूस हैं। विभाग ने इन बच्चों का ब्यौरा स्वराज पोर्टल पर अपलोड करा दिया है, जिससे इन्हें शासन स्तर से दी जाने वाली सहायता मिल सके।
कोरोना के चलते प्रभावित हुए 10 बच्चों को चिह्नित किया गया है। इनके भोजन, शिक्षा आदि की व्यवस्था शासन स्तर से की जाएगी। जैसे ही अन्य बच्चे मिलेंगे उनके नाम भी पोर्टल पर दर्ज करा दिए जाएंगे।-ओम प्रकाश, जिला प्रोबेशन अधिकारी