राजस्थानी स्थापत्य कला शैली में जीवनी मंडी में खाटू श्याम महाराज के भव्य मंदिर का निर्माण अंतिम चरण में है। मंदिर के मुख्य परिसर में खाटू श्याम जी सौ किलो चांदी से बने विशाल सिंहासन पर विराजमान होंगे। वृंदावन प्रेम मंदिर के शिल्पकार मंदिर के तीन खंडों को विशिष्ट स्वरूप प्रदान करने में लगे हुए हैं।
21 फरवरी को मंदिर के लोकार्पण समारोह में जानी मानी हस्तियां शामिल होंगी। श्री खाटू श्याम मंदिर ट्रस्ट की ओर से जाटनी का बाग (जीवनी मंडी) में खाटू श्याम मंदिर के निर्माण का कार्य 27 जनवरी 2012 को शुरू किया गया था। वृंदावन के प्रेम मंदिर को बनाने वाले शिल्पकार इस मंदिर को राजस्थानी शैली में बना रहे हैं। 1200 गज में बनाए जा रहे मंदिर में तीन फ्लोर हैं।
भूमिगत फ्लोर में गाड़ियों की पार्किंग के साथ ही भंडारे में आने वाले भक्तों को भोजन कराने की व्यवस्था है। इसमें बड़ा रसोईघर बनवाया गया है। इसके बाद ग्राउंड फ्लोर पर खाटू श्याम महाराज के दर्शन होंगे। मंदिर के दोनों ओर भगवान गणेश और हनुमान मंदिर बनवाए गए हैं। मंदिर में राजस्थान के गुलाबी पत्थर लगाए जा रहे हैं।
मंदिर में लिफ्ट भी
खाटू श्याम महाराज का मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
इसमें नक्काशी, पच्चीकारी का कार्य कराया जा रहा है। मंदिर के बुर्जों को भी पच्चीकारी और कार्विंग कला से संवारा जा रहा है। मंदिर ट्रस्ट में 100 लोगों की टीम है, जो कि निरंतर मंदिर के निर्माण की प्रगति की निगरानी रखती है।
मंदिर ट्रस्ट के अरुण कुमार मित्तल और अनिल कुमार मित्तल बताते हैं कि ग्राउंड फ्लोर पर विशाल सत्संग हाल बनवाया गया है। इसमें भजन संध्या और धार्मिक आयोजन होंगे। भूमिगत तल में पार्किंग के साथ ही भंडारे की व्यवस्था है।
इसमें नौ कक्ष भी बनवाए गए हैं, जो कि मंदिर की देखभाल करने वालों के लिए हैं। मंदिर में लिफ्ट भी लगाई जाएगी। मंदिर परिसर में खाटू महाराज के प्रसाद को तैयार करने लिए भी अलग रसोईघर बनाया गया है।
250 किलोमीटर क्षेत्र में नहीं है मंदिर
खाटू श्याम महाराज का मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
खाटू श्याम महाराज के भक्तों ने बताया कि राजस्थान के बाद खाटू श्याम महाराज को कोई मंदिर आसपास नहीं था। इस कारण इस मंदिर के स्थापना का निर्णय लिया गया। इसमें सिंहासन को खासतौर से बनवाया जा रहा है। 100 किलो चांदी से बनाए जा रहे सिंहासन को मुख्य परिसर में रखा जाएगा।