राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती की पूर्व संध्या पर लोक स्वर और गोल्डन एज संस्था द्वारा शहीद स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में 96 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चिम्मन लाल जैन ने भी चरखे पर सूत काता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस ‘मेक इन इंडिया’ की बात कर रहे हैं वह नारा सबसे पहले महात्मा गांधी दिया था। उन्होंने शराबबंदी की मांग पूरी न होने पर गांधी जयंती पर यमुना में कूदकर जान दे देने की घोषणा वापस लेने का आग्रह ठुकरा दिया। कहा, वे अपनी प्रतिज्ञा पूरी करेंगे।
लोक स्वर के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया कि शहीदों को श्रद्धांजलि के बाद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चिम्मन लाल जैन का स्वागत किया गया। फिर सभी ने चरखा चलाकर सूत बनाया। निहाल चंद जैन, राजीव सक्सेना आदि ने चिम्मन लाल से कहा कि शराबबंदी की उनकी मुहिम का सभी समर्थन करते हैं। उनसे आग्रह किया गया कि वह दो अक्टूबर को यमुना में कूदकर आत्महत्या करने की घोषणा वापस ले लें। वयोवृद्ध सेनानी ने कहा कि शराब बंदी की मांग वर्षों से हो रही है लेकिन सरकारें ध्यान नहीं दे रहीं। ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उम्मीद थी लेकिन वे भी इसके प्रति गंभीर नहीं हैं। मेरी जान जाने से समाज का भला हो सकता है तो मैं हर कीमत पर अपनी प्रतिज्ञा करूंगा।’
राजीव गुप्ता ने कहा कि चिम्मन लाल जी को आत्महत्या से रोकने के प्रयास जारी रहेंगे। प्रदेश सरकार को शराबबंदी के लिए गंभीरता से सोचना चाहिए। शराब से जितना राजस्व मिलता है उससे कहीं अधिक धन इसकी वजह से बीमार होने वालों के इलाज पर सरकार खर्च करती है। कार्यक्रम में साक्षी जैन, गौरव लूथरा, नवीन गोयल, केसी जैन आदि मौजूद रहे।