अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की तरह एतिहासिक गुरुद्वारा गुरु का ताल स्वर्णिम आभा बिखेरेगा। अमृतसर से 13 किलोग्राम सोने के 15 कलश बनकर आ चुके हैं। इन्हें जल्द ही गुंबदों पर सुशोभित किया जाएगा। यह पूरे प्रदेश में पहला ऐसा गुरुद्वारा होगा जहां सोने के कलश लगे होंगे।
गुरुद्वारा गुरु का ताल में कुल 15 कलश लगाए जाएंगे। इसमें से नौ कलश दरबार साहिब के ऊपर चार छोटे गुंबदों पर, चार पालकी पर, सीढ़ियों के ऊपर बनी पालकी पर, लंगर खाने की ओर बने चार गुंबदों पर और एक बड़ा कलश गुरुद्वारा मंजी साहिब पर चढ़ाया जाएगा। दरबार साहिब के मुख्य गुंबद पर एक कलश 18 अप्रैल को सुशोभित किया जा चुका है।
‘ यूपी, राजस्थान और मध्यप्रदेश के गुरुद्वारों में सोने के कलश नहीं हैं। चूंकि गुरुद्वारा गुरु का ताल ऐतिहासिक है, इसलिए अमृतसर के खास कारीगरों से 15 कलश बनवाए गए हैं। इन्हें लगवाने का काम जल्द शुरू कराया जाएगा।’
संत बाबा प्रीतम सिंह, गुरुद्वारा, गुरु का ताल