ताजमहल को तेजोमहालय शिव मंदिर बताते हुए सावन में जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और पूजा-अर्चना की अनुमति मांगने वाले वाद में अदालत ने अगली सुनवाई 12 नवंबर तय की है। बुधवार को पक्षकार बनने की अर्जी देने वाले सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी की ओर से अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुए।
ताजमहल को तेजोमहालय शिव मंदिर बताते हुए सावन में जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और पूजा-अर्चना की अनुमति मांगने के वाद में बुधवार को विपक्षी पक्ष के अधिवक्ता अदालत में हाजिर नहीं हुए। इस पर अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन-7 रजत शुक्ला ने एक अवसर देते हुए अगली सुनवाई के लिए 12 नवंबर की तारीख तय की।
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वादी योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर की तरफ से उनके अधिवक्ता ने पक्ष रखा। मामले में पक्षकार बनने की अर्जी देने वाले सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी के अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुए। हालांकि अदालत ने भोजनावकाश तक उनके आने की प्रतीक्षा की। वादी ने 23 जुलाई, 2024 को वाद दाखिल कर एएसआई के अधीक्षण पुरातत्वविद और भारत संघ को प्रतिवादी बनाया है।