आगरा में संभागीय परिवहन विभाग के विशेष अभियान में 62 एंबुलेंस की फिटनेस और दस्तावेजों में खामियां मिलने पर चालान किए गए। इनमें से 14 एंबुलेंस की हालत बेहद खराब मिलने पर उन्हें जब्त कर पुलिस अभिरक्षा में दे दिया गया।
एक्सीडेंट हो या कोई गंभीर आपात स्वास्थ्य समस्या तत्काल चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस ही मरीजों का भरोसा होती है। लेकिन जिन जीवन रक्षक वाहनों पर मरीजों की जान बचाने की जिम्मेदारी है उनकी खुद की सांसें वेंटिलेटर पर है। कम से कम संभागीय परिवहन विभाग की जांच तो यही कहती है। विभागीय अभियान में 62 एंबुलेंस की फिटनेस अधोमानक पाई गई तो 14 की हालत इतनी खराब निकली कि उन्हें जब्त कर पुलिस अभिरक्षा में देना पड़ा।
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शासन के निर्देश पर संभागीय परिवहन विभाग ने 3 से 7 अक्तूबर तक एंबुलेंसों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया। कुल 10 टीमों ने अलग-अलग रूट और क्षेत्र में निरीक्षण किया। एआरटीओ आलोक कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान एंबुलेंस के निर्धारित मानकों की जांच की गई। अभियान के दौरान एंबुलेंस के दस्तावेज, परमिट, फिटनेस और जरूरी सुविधाओं की जांच की गई। कई वाहनों में जरूरी दस्तावेज और अन्य कमियां मिलीं।
नियमों का उल्लंघन मिलने पर 62 के चालान किए गए। इनमें से 14 की हालत इतनी खराब थी कि इन्हें सड़क पर चलने नहीं दिया जा सकता था। लिहाजा इन वाहनों को जब्त कर पुलिस अभिरक्षा में दे दिया गया। बताया कि जांच का उद्देश्य मानकों का पालन सुनिश्चित करना और मरीजों की सुरक्षा बनाए रखना है। संभागीय परिवहन विभाग की ओर से एंबुलेंस की जांच आगे भी जारी रखी जाएगी।