आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय को स्मार्ट बनाने के लिए शिक्षक मास्टर प्लान तैयार करेंगे। कुलपति ने शिक्षक और कर्मचारियों के साथ बैठक कर छात्र और विश्वविद्यालय के उत्थान के लिए 100 करोड़ रुपये के कोष इकट्ठा करने पर भी जोर दिया है। तय समय पर योजनाएं पूरी न करने वाली कार्यदायी संस्थाओं पर मुकदमा दर्ज करने पर भी चर्चा हुई।
कुलपति प्रो. विनय पाठक ने कहा कि बीते सालों में भवन निर्माण समेत अन्य योजनाएं तय समय पर कार्य पूरा न करने वाली कार्यदायी संस्था पर मुकदमा दायर भी कर सकते हैं, जिससे योजना पूरी होने में देरी नहीं हो। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि विश्वविद्यालय के उत्थान को मास्टर प्लान तैयार हो, जिससे शैक्षणिक क्षेत्र में नाम हो। इसमें नए पाठ्यक्रम भी शामिल किए जाएं। 100 करोड़ का कोष इकट्टा करने के लिए भी योजनाएं बनें, जिसे छात्र हित के लिए उपयोग किया जा सके।
कुलपति ने सभी संकायों के लिए अलग से वेबसाइट और डेटाबेस बनाने की बात कही। इससे संकाय की उपलब्धियां दर्ज होने पर छात्र प्रवेश के लिए आकर्षित होंगे। कर्मचारियों के प्रोन्नत, भविष्य निधि समेत सभी लंबित कार्य आचार संहिता समाप्त होने के बाद तेजी से निपटारे को भी कहा है।
डिग्री-अंकतालिका की परेशानी पर उन्होंने कहा कि 1990 तक छात्रों को डिग्री-अंकतालिका उसके घर पहुंचती थी, लेकिन बीते 30 साल से डिग्री-अंकतालिका छात्रों को न मिलना बड़ी परेशानी बन गई है। बैठक में प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा, शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. शरद उपाध्याय, प्रो. बीपी सिंह, डीन एकेडमिक प्रो. संजीव शर्मा, प्रो. प्रदीप श्रीधर, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अखिलेश चौधरी, अरविंद गुप्ता आदि मौजूद रहे।