आगरा में शिक्षकों को आकस्मिक अवकाश का लाभ नहीं मिल पा रहा है। शिक्षक किसी कारणवश अनुपस्थित हो जाते हैं तो उनका वेतन काट दिया जाता है। जबकि शिक्षा निदेशक के एक आदेश के अनुसार शिक्षकों के आकस्मिक अवकाश का प्रयोग होना चाहिए। शिक्षा विभाग की इस कार्यशैली से शिक्षकों में रोष है।
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राष्ट्रवादी शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष कीर्ति पाल सिंह ने बताया कि जिले में हर माह सैकड़ों शिक्षकों की अनुपस्थिति लग रही है। बेसिक शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी हर माह किसी परिषदीय विद्यालय में औचक निरीक्षण करते हैं। औचक निरीक्षण के दौरान अगर कोई शिक्षक अनुपस्थित पाया जाता है तो उसके वेतन में कटौती कर दी जाती है। इस संबंध में कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियाें से शिकायत की गई लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में शिक्षा निदेशक कंचन वर्मा के 19 जून के आदेश में साफ है की जो शिक्षक अनुपस्थित पाया जाएगा, अगर उसके आकस्मिक अवकाश शेष हैं तो उसकी अनुपस्थिति को आकस्मिक अवकाश में परिवर्तित कर दिया जाएगा। फिर भी शिक्षकों के वेतन में कटौती की जा रही है। बताया कि इसके खिलाफ संगठन आंदोलन करने को बाध्य होगा।