डिजिटल हाजरी के विरोध में नारेबाजी करते शिक्षक।
मैनपुरी। डिजिटल हाजिरी के विरोध में शिक्षकों का दूसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन रहा। जिले भर के शिक्षकों ने स्कूलों में काली पट्टी बांध कर कार्य किया। वहीं आक्रोशित शिक्षकों ने कई स्थानों पर प्रदर्शन भी किया। शिक्षकों का कहना था कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं तब तक ऑनलाइन उपस्थिति का विरोध जारी रहेगा। डिजिटल हाजिरी के विरोध में शिक्षक संगठनों ने भी कई स्थानों पर प्रदर्शन किया।
उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ मैनपुरी ने प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर जनपद के समस्त शिक्षकों ने काली पट्टी बांध विरोध किया। जिलाध्यक्ष गोविंद पाण्डेय ने कहा कि आज विरोध का दूसरा दिन है सभी शिक्षकों ने सभी संगठनों के पदाधिकारियों ने एक जुटता दिखाते हुए डिजिटल हजारी की व्यवस्था को पूरी तरह नकार दिया lब्लॉक अध्यक्ष बेवर आलोक सिंह ने कहा कि जब पूरे प्रदेश में विरोध हो रहा है समस्त शिक्षक इस व्यवस्था से सहमत नहीं है तो हमारे जनप्रतिनिधि संज्ञान क्यों नहीं लेते l ब्लॉक अध्यक्ष घिरोर शीलेष यादव ने कहा कि समस्त शिक्षकों ने प्रथम दिन से ही डिजिटल हाजिरी की व्यवस्था को स्वीकार न करते हुए शासन प्रशासन से अपनी बात रखना प्रारंभ कर दिया परंतु कोई भी हम शिक्षकों की परेशानियों को नहीं समझ रहा है अब यह आंदोलन और तेज होगा l
बीआरसी पर किया प्रदर्शन
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला संयोजक अरुण यादव के नेतृत्व में बीआरसी नगला जुला पर सुभाष कश्यप की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन कर शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया जनपद के समस्त बीआरसी पर डिजिटल अटेंडेंस को लेकर ब्लाक कार्यकारिणी की मासिक बैठक आहूत की गई। इसमें सर्वसम्मति से बगैर समस्याओं को दूर किए इस तुगलकी फरमान की निंदा की गई और चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति घोषणा की गई। इस दौरान रामपाल सिंह, ममता चौहान, राधा यादव, गजेंद्र प्रताप सिंह, नीतू सिंह ,कुशुमलता दुबे ,सरिता यादव ,सुधीर चौहान, स्वराज शाक्य ,राजीव मिश्रा आदि मौजूद रहे।
11 को प्राथमिक शिक्षक संघ सांकेतिक जुलूस निकालकर देगा ज्ञापन
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की आवश्यक बैठक जिला संयोजक केपी सिंह के आवास पर हुई। बैठक में डिजिटल हाजिरी के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार की गई। जिलाध्यक्ष राजीव यादव ने कहा कि डिजिटल हजारी के विरोध में प्रांतीय नेतृत्व द्वारा प्राप्त निर्देशानुसार 11 जुलाई को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन बीएसए के माध्यम से दिया जाएगा।