मैनपुरी। उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ ने प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर सोमवार को शिक्षाधिकारियों के कार्यालयों पर सभा का आयोजन किया। इस दौरान शिक्षकों ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक 2021 की प्रतियां जलाईं।
बीएसए और डीआईओएस कार्यालय पर आयोजित सभा में महासंघ के जिला अध्यक्ष प्रणवीर सिंह यादव ने कहा कि वर्तमान सरकार शिक्षक और कर्मचारी विरोधी है। सरकार शिक्षकों और कर्मचारियों के उपलब्धियों में कटौती के साथ स्वतंत्रता-मौलिक अधिकारों का हनन कर रही है। महासंघ संयोजक कृष्णानंद दुबे ने कहा कि भाजपा सरकार की नीति पूर्णत: निजीकरण की ओर अग्रसर है। इसके तहत शिक्षा को निजी हाथों में सौंपने की कोशिश है।
शिक्षकों की जायज मांगों को दबाने के लिए ही शिक्षा सेवा अधिकरण अधिनियम पारित किया गया है। राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा काला कानून वापस नहीं लिए जाने तक महासंघ का संघर्ष जारी रहेगा। माध्यमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष उदयवीर सिंह यादव ने कहा कि सरकार गरीब और निम्न तबके के बच्चों को शिक्षा से वंचित करना चाहती है। मुकेश सिंह चौहान, राजेश पांडेय, अरुण यादव, यदुवीर नरायण दुबे, वीके पीटर, रनवीर सिंह, आमोध बाबू, सतीश मधुप, ग्रीश चंद्र यादव, शिव कुमार यादव, अरुण यादव, धर्मेंद्र सिंह चौहान, मुकेश यादव, प्रज्ञा श्रीवास्तव, मुधवाला यादव आदि मौजूद रहीं।