नौनिहालों का भविष्य बिगाड़ रहे तीन शिक्षक निलंबित
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परिषदीय बेसिक स्कूलों में विद्यार्थियों का पंजीकरण बढ़ाने के लिए ‘स्कूल चलो अभियान’ के समय प्रधानाध्यापक से लेकर अध्यापक तक स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं। स्कूलों में ताला लगा मिल रहा है। शुक्रवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) धर्मेंद्र सक्सेना को कई स्कूलों के निरीक्षण में न तो शिक्षक पूरे मिले और न ही पंजीकरण के अनुसार विद्यार्थी मौजूद रहे।
अकोला ब्लाक के धनौली स्थित प्राथमिक विद्यालय में तैनात 12 शिक्षकों के बाद ब्लाक के दूरस्थ स्कूल से एक शिक्षिका को नवंबर 2015 से संबद्ध किया गया है। विद्यालय में 500 से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत हैं। मिड-डे मील रजिस्टर में अलग-अलग दिनों में 290 से 295 उपस्थिति दर्शाई गई मिली। मौके पर 205 विद्यार्थी मिले। मिड-डे मील रजिस्टर में ओवर राइटिंग मिली। प्रधानाध्यापिका बिना सूचना के कई दिन से अनुपस्थित हैं। सहायक अध्यापिका अंजना कुमारी और ममता की नियमित उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज नहीं थी। कालम खाली छोड़ा हुआ मिला। बीएसए ने बताया कि प्रधानाध्यापिका और दोनों अध्यापिकाओं को निलंबित कर दिया गया है।
बिचपुरी ब्लाक स्थित प्राथमिक विद्यालय अजीतपुर सुबह आठ बजे बंद मिला। बीएसए के पहुंचने के बाद प्रधानाध्यापक कमलेंद्र सिंह पहुंचे। उनको कारण बताओ नोटिस दिया गया है। सहायक अध्यापक राजेश कुमार और बबिता कुमारी का एक दिन का वेतन काटने का आदेश दिया गया है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय, अजीतपुर में सहायक अध्यापिका शशिप्रभा अनुपस्थित मिली। उपस्थिति पंजिका में अध्यापिका को न तो अनुपस्थित दिखाया गया था और न ही अवकाश लिखा गया था। शिक्षिका का वेतन काटा जाएगा, इंचार्ज प्रधानाध्यापिका को कारण बताओ नोटिस दिया गया है।
दस शिक्षक निलंबित किए गए
आगरा। बीएसए ने 14 अप्रैल को पिनाहट ब्लाक के स्कूलों का निरीक्षण कराया था। उसकी रिपोर्ट के आधार पर गुरुवार को दस शिक्षकों मोहित, सीमा दिवाकर, रमेश चंद्र शर्मा, हरिओम पचौरी, रामबहादुर, विनीता सिंह, मनीषा गुप्ता, बालकृष्ण, प्रदीप कुमार और विक्रम सिंह को निलंबित कर दिया गया। 65 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।