दो शिक्षक नेताओं ने कार्यालय आकर बीएसए को धमकाते हुए शिक्षकों की छुट्टी बढ़ाने का दबाव बनाया। ज्ञापन देने की कोशिश की। इस घटना से घबराई बीएसए ने एसपी से शिकायत की। एसपी के आदेश पर दोनों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपिका गुप्ता ने एसपी विनोद कुमार को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 13 जून को वह कार्यालय में थीं। तभी शाम के समय सहायक अध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय नुनारी विकास यादव, सहायक अध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय खटिकपुर अरुण यादव तीन साथियों के साथ कार्यालय में आए। उनके विभागीय वार्तालाप हो रही थी। इस बीच अरुण और विकास शिक्षकों के गर्मियों के अवकाश बढ़ाने का आदेश पारित कर दबाव बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि शासन ने शिक्षकों का ग्रीष्म अवकाश 15 जून तक घोषित किया है। यदि वहां से अवकाश बढ़ाने के कोई आदेश मिलेंगे तो आदेश पारित कर दिया जाएगा। अरुण यादव को यह बात नागवार गुजरी और वह उनकी सीट की ओर आ गए। जबरदस्ती प्रार्थना पत्र पकड़ाने की कोशिश करने लगे। वह काफी भयग्रस्त हो गईं। जैसे तैसे समझा कर वापस कुर्सी पर बैठाया। इसके बाद काफी देर तक वह लोग अनुचित शब्दों का प्रयोग करते रहे।
कार्यालय के कर्मचारी के सामने भी उनकी हरकत जारी रही। उनके साथ अभद्रता करते हुए धमकी दी कि उचित और अनुचित सारे काम करने पडे़गें। ऐसे कई बीएसए आए और चले गए। कुछ ऐसा कर देंगे कि जिंदगी भर याद रखेंगी। शोर शराबा सुनकर कार्यालय के लोग एकत्र हो गए। बीएसए ने कहा कि कर्मियाें को भी आरोपी शिक्षकों व साथियों ने अंदर नहीं आने दिया। इस घटना के बाद वह बेहद भयग्रस्त हैं। एसपी के आदेश पर पुलिस ने दोनों शिक्षकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।