कासगंज के सोरों स्थित संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज में छात्रों को 'जय श्रीराम' बोलने पर शिक्षक द्वारा कथित रूप से फटकारने का मामला सामने आया। छात्रों की शिकायत के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज में धरना दिया और कार्रवाई की मांग की।
कासगंज के सोरोंजी के संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज में कक्षा नौ के छात्रों के “जय श्रीराम” बोलने पर एक शिक्षक के कथित रूप से डांटने का मामला तूल पकड़ गया। छात्रों की शिकायत के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज पहुंचकर हंगामा किया। धरने पर बैठकर शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान कॉलेज परिसर में “जय श्रीराम” के नारे लगाए।
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छात्रों का आरोप है कि कक्षा के दौरान शिक्षक जनार्दन राम ने उन्हें “जय राम” और “जय श्रीराम” बोलने पर फटकार लगाई। छात्रों ने शिक्षक पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और इतिहास को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करने का आरोप लगाया।
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शिक्षक ने दी अपनी सफाई
अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए शिक्षक जनार्दन राम ने कहा कि वह कक्षा में बच्चों को केवल एक कहानी और उदाहरण के माध्यम से समझा रहे थे। शिक्षक के अनुसार, उन्होंने जिक्र किया था कि अलग-अलग धर्मों में अलग मान्यताओं का स्वरूप होता है। जैसे मुस्लिम धर्म में खुदा और ईसाई धर्म में ईसा मसीह को माना जाता है, जबकि हिंदू धर्म में अनेक देवी-देवताओं की मान्यता है। इसी संदर्भ में उन्होंने बच्चों से एक सामान्य सवाल किया था। शिक्षक का कहना है कि उनकी बात को संदर्भ से हटकर गलत रूप में लिया गया है।
बजरंग दल ने दी चेतावनी
मामले की जानकारी मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता कॉलेज पहुंच गए। छात्रों के साथ धरने पर बैठ गए। बजरंग दल के जिला संयोजक गोविंद महेरे ने कहा कि शिक्षा के मंदिर में धार्मिक भेदभाव और देवी-देवताओं पर टिप्पणी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
ये रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान निखिल निर्भय, पीयूष शंकर महेरे, सुधांशु भारद्वाज, सिद्धांत गुप्ता, अर्जुन राम लोटा और यश महेरे समेत कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
शिक्षक से मांगा गया स्पष्टीकरण
डीआईओएस रजनेश कुमार ने बताया कि बढ़ते विवाद को देखते हुए कॉलेज के शिक्षक को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षक के लिखित जवाब और जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।