आयकर विभाग की तीन दिन तक ज्वेलर्स के यहां कार्रवाई चली थी। इस दाैरान व्यापारियों ने आयकर विभाग पर मनमानी का आरोप लगाया था। जांच के बाद कारोबारी ने कमी स्वीकारी। अब अतिरिक्त टैक्स जमा करना होगा।
टैक्स चोरी के शक में एपी ज्वेलर्स पर हुए आयकर विभाग के सर्वे में 15 करोड़ रुपये के स्टॉक में हेरफेर की बात सामने आई है। रिकॉर्ड खंगालने के बाद आयकर विभाग के अधिकारियों ने कारोबारी को पांच करोड़ रुपये से ज्यादा की कर चोरी को अदा करने के लिए अतिरिक्त आय पर सरचार्ज के साथ टैक्स जमा करने के लिए नोटिस जारी किया है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि इस कार्रवाई से कारोबारी को करीब छह करोड़ का अतिरिक्त कर चुकाना पड़ सकता है।
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बता दें, आयकर विभाग के करीब 25 अधिकारियों की टीमों ने शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे एपी ज्वेलर्स के नेहरू नगर, चौबे जी का फाटक और जीवनी मंडी स्थित सैनिक प्रेस स्थित पाठक गली परिसर समेत पांच ठिकानों में सर्वे शुरू किया था। टीमों ने तीन दिन चली कार्रवाई के दौरान स्टॉक की मौजूदगी, बैंक खातों में दर्ज जानकारी और लेन-देन को जांचा था।
इस दौरान टीमें काफी रिकॉर्ड कब्जे में लेकर अपने साथ गई थीं। 56 घंटे चले सर्वे में टैक्स पर सहमति नहीं बनने के बाद विभाग ने बड़ी संख्या में दस्तावेज जब्त कर टैक्स का निर्धारण किया। सर्वे को लेकर व्यापारियों ने विरोध दर्ज कराया था। रविवार को किनारी बाजार बंद कर व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया था।
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सोमवार को भी किनारी बाजार में सराफा की दुकानें नहीं खुलीं। हालांकि आयकर अधिकारी दस्तावेजों का अध्ययन करने में जुटे रहे। अब 15 करोड़ रुपये का अतिरिक्त स्टॉक मिलने पर फर्म को अतिरिक्त टैक्स जमा कराने के लिए कहा गया है। सूत्रों का कहना है कि कारोबारी ने भी टैक्स जमा कराने के लिए हामी भर दी है।