आगरा के जगनेर के बाजरा खरीद केंद्रों पर व्याप्त अनियमितताओं, धांधली पर किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। खेरागढ़ केंद्र प्रभारी ने तमाम किसानों का बाजरा तुलवाने के बाद कोई पावती रसीद नहीं दी है। केंद्र बंद कर दिया गया। इन्हीं शिकायतों पर भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया ने तहसील कार्यालय पहुंचकर एसडीएम कार्यालय के समक्ष प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि बाजरा खरीद केंद्रों पर व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण किसानों का लगातार शोषण किया जा रहा है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। देर शाम को एसडीएम ने राजस्व कर्मचारियों की सहायता से किसानों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया।
एसडीएम खेरागढ़ ऋषि राव ने बताया कि किसानों के आरोपों के बारे में उच्चाधिकारियों को लिखित पत्र के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है। बाजरा खरीद की जांच चल रही है। केंद्र प्रभारी विकास जयंत की कारगुजारियों से परेशान किसानों ने तहसील में धरना प्रदर्शन किया था।
विपणन अधिकारी को धरना स्थल पर बुलाने की मांग करने पर एसडीएम ने विपणन अधिकारी को बुलाया। तब एक किसान ने बताया कि 35 क्विंटल बाजरा तोल लिया है, परंतु कोई रसीद नहीं दी गई तो एमआई ने उसे झूठा और अपराधी कहते हुए रजिस्ट्रेशन में कुल 9 क्विंटल बाजरा तोलना ही स्वीकार किया। इससे किसान भड़क गए और खरीद रजिस्टर को मंगाने की मांग की, एसडीएम ने कई बार कहा परंतु एमआई रजिस्टर लेकर नहीं आया। एसडीएम की नाराजगी और किसानों का हंगामा बढ़ता देख एमआई ने कुछ कागजों की फोटो स्टेट दिखाई।