आगरा। कर चोरी करने वाली फर्मों के खिलाफ चल रही जांच में राज्य कर विभाग को 10 ऐसी फर्मों का पता चला है जिन्होंने लोहे व कबाड़ का करोड़ों का कारोबार दिखाकर 18 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की चोरी की। यह सभी फर्में दूसरे राज्यों से माल मंगाने या भेजने के नाम पर गोरखधंधा चला रही थीं। जांच में खेल पकड़े जाने पर राज्य कर विभाग ने सभी फर्म मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है।
लंबे समय से राज्य कर विभाग बड़े पैमाने पर नई पंजीकृत हुई फर्मों के विशेष सत्यापन में जुटा है। सत्यापन के दौरान लगातार फर्जी नाम-पते पर मिल रही फर्मों पर कार्रवाई की जा रही है। इस बीच कागजों पर कारोबार दिखाकर आईटीसी हड़पने के खेल पर भी नकेल कसनी शुरू हो गई है। इसी क्रम में राज्य कर विभाग के सात सेक्टरों में 10 ऐसी फर्में सामने आईं जिनसे दूसरे राज्यों को करोड़ों रुपये का सामान भेजना दिखाया गया।
इनमें जाधव ट्रेडर्स, महेश ट्रेडर्स, प्रकाश ट्रेडर्स, स्वराज ट्रेडर्स, मूनलाइट ट्रेडर्स और अंश ट्रेडर्स लोहे के कबाड़ का कारोबार करती हैं। वहीं, एसएसके संस, संकल्प ट्रेडिंग और दिनेश ट्रेडर्स नाम से पंजीकृत फर्म अन्य उत्पादों का कारोबार दिखा रही थीं। सभी फर्मों ने दिल्ली, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में माल भेजने का हवाला देकर टैक्स चोरी की।
राज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 पंकज गांधी ने बताया कि जांच में इन फर्मों का कागजी खेल पकड़ में आने पर सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी गई है। साथ ही अन्य राज्यों में कारोबार की वजह से सीजीएसटी के अधिकारियों को भी जानकारी दे दी गई है।