मैनपुरी। महाशिवरात्रि पर आज शिवालय बम-बम भोले के जयकारों से गूंजेंगे। शिवशंकर का जलाभिषेक करने के लिए मंदिरों में श्रद्घालुओं की भीड़ उमडे़गी। उपवास रखकर बाबा के भक्त उन्हें प्रसन्न करने का प्रयास करेंगे। आज पूजा-अर्चना के लिए मंदिर दिनभर खुले रहेंगे।
नगर के भीमसेन मंदिर, चांदेश्वर मंदिर, शीतला धाम स्थित भगवान भोलेनाथ के मंदिर में पावन पर्व के लिए विशेष सजावट की गई। बृहस्पतिवार को मंदिरों में दिनभर तैयारियां चलती रहीं। शहर के प्रमुख मंदिरों से लेकर गांव देहात स्थित शिवालयों को फूलाें से सजाया गया। सुबह से ही बाजारों में भी भीड़भाड़ देखी गई। लोगों ने बाजार से भगवान भोलेनाथ की पूजा के लिए पूजा की सामग्री खरीदी। वहीं व्रत के लिए फल और फूल आदि की खरीदारी भी की। शहर में बेर, बेल, फूल आदि की दुकानों पर दिनभर भीड़ रही।
ऐसे करें पूजन
आचार्य रामानंदन शास्त्री बताते हैं कि महाशिवरात्रि के दिन सुबह उठकर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण कर व्रत का संकल्प लें। इसके बाद शिव मंदिर जाएं या घर के मंदिर में ही शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। जल चढ़ाने के लिए सबसे पहले तांबे के एक लोटे में गंगाजल लें। अगर ज्यादा गंगाजल न हो तो सादा पानी में गंगाजल की कुछ बूंदें मिलाएं। लोटे में चावल और सफेद चंदन मिलाएं और ऊं नम: शिवाय: का जाप करते हुए शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। साथ ही अन्य पूजन सामग्री अर्पण करें।
पूजा सामग्री
सुगंधित पुष्प, बेल पत्र, धतूरा, भांग, बेर, आम्र मंजरी, जौ की बालें, तुलसी दल, गाय का कच्चा दूध, गन्ने का रस, दही, शुद्ध देसी घी, शहद, गंगा जल, पवित्र जल, कपूर, धूप, दीप, रूई, चंदन, पंच फल, पंच मेवा, पंच रस, इत्र, रोली, मौली, जनेऊ, पंच मिष्ठान, शिव व मां पार्वती की शृंगार सामग्री, दक्षिणा, पूजा के बर्तन आदि का प्रयोग करें।
श्रद्घाभाव से करें पूजन
आचार्य रामानंदन शास्त्री के अनुसार महाशिवरात्रि का पूजन निशीथकाल में करना सर्वश्रेष्ठ रहता है। रात्रि का आठवां मुहूर्त निशीथकाल कहलाता है। हालांकि भक्त रात्रि के चारों प्रहरों में से किसी भी एक प्रहर में सच्ची श्रद्धाभाव से शिव पूजन कर सकते हैं।