एक ओर पेड़ काटने का, दूसरी ओर डामर जलाने का
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ताजमहल को प्रदूषण से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) तक संजीदा है, लेकिन सरकारी विभाग मनमानी करते हुए ताजमहल को काला करने की कोई कसर नहीं छोड़ रहे।
एडीए ने ताजमहल पश्चिमी गेट की ओर विद्युत शवदाह गृह के ठीक सामने बने पार्क पर पार्किंग बनाने के लिए जेसीबी से चार पेड़ उखाड़ दिए, वहीं यमुना किनारा रोड पर एत्माद्दौला स्मारक के सामने बने व्यू प्वाइंट पर डामर जलाने से संगमरमरी स्मारकों पर काला धुआं कालिख जमा कर गया।
ताज हेरिटेज कारीडोर पर झाड़ियां तक काटने की अनुमति वन विभाग ने नहीं दी और इसके लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति लेने के लिए एएसआई को कहा, जबकि आगरा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने झाड़ियों की जगह चार पेड़ ही उखाड़ दिए। बता दें कि आगरा में एक भी पेड़ काटने की अनुमति नहीं है।
एनजीटी के हाल के आदेश के बाद वन विभाग भी किसी भी प्रजाति के पेड़ काटने की अनुमति नहीं दे रहा। पर्यावरण को एक तरफ तो पेड़ काटकर तो दूसरी ओर डामर जलाकर प्रदूषित कर दिया गया। लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई न होने से आगरा में ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।