25 हज़ार की फीस बहुत ज्यादा है। एसोसिएशन के बृजेश गुप्ता ने कहा कि 2019 से पहले के फोटोग्राफरों के लिए लाइसेंस पांच हजार और उसके बाद के लाइसेंस के लिए 25 हजार की फीस बहुत ज्यादा है। दोनों के लिए एक समान पांच हजार की लाइसेंस फीस होनी चाहिए।
नरेंद्र सिंह के मुताबिक हर दिन रोजी रोटी के लिए काम करते हैं। चार महीने से काम पूरी तरह से बंद है। ऐसे में आर्थिक मदद देने की जगह सरकार लाइसेंस के रूप में अनाप-शनाप पैसे मांग कर उनके सामने संकट खड़ा कर रही है। फोटोग्राफरों का प्रतिनिधिमंडल इस मामले में संस्कृति मंत्री से मिलने के लिए जाएगा।
इस सिलसिले में एक प्रतिनिधिमंडल संस्कृति मंत्री से मिला था जिसके बाद संस्कृति मंत्रालय के मंत्री प्रहलाद सिंह ने ट्वीट कर कहा है कि 'मुझे विश्व विरासत ताजमहल के फोटोग्राफर बंधुओं का निवेदन मिला था, जिसमें शुल्क कम करने तथा लाइसेंस की अवधि बढ़ाने की मांग की है। मैंने तत्संबंध में महानिदेशक को निर्देश दिए हैं, ताकि आज फैसला हो सके। निर्णय की सूचना शीघ्र मिलेगी'।