जीवनी मंडी वाटर वर्क्स पर जनवरी में गंगाजल आ गया लेकिन इस गंगाजल को केवल पुरानी पड़ी लाइनों में ही सप्लाई किया जा रहा है। 180 करोड़ रुपये की गंगाजल वितरण योजना में 80 हजार लोगों को पानी मिलने में अभी दो साल का और वक्त लगेगा। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले ही उन्हें पानी मिल सकता है।
प्रदेश सरकार ने गंगाजल योजना के बाद शहर में उन जगहों पर जहां पानी की पाइप लाइन नहीं है वहां लाइन डालने के लिए योजना पास की। 180 करोड़ रुपये की डीपीआर को बीते साल जुलाई में ही स्वीकृत कर दिया गया था, लेकिन जलनिगम में टेंडर प्रक्रिया लंबी चलने के कारण यह काम फरवरी, 2020 में शुरू हो सका।
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जैसे ही काम शुरू हुआ लॉकडाउन शुरू हो गया। लॉकडाउन के 4 महीने काम बंद रहा। अब जब काम शुरू हुआ है तो सेक्टर दो, नीलगिरी समेत 7 में से कुल 5 साइट पर काम चल रहा है।
अफसर की दलील, लॉकडाउन के कारण देरी
टेंडर प्रक्रिया के बाद हमने फरवरी में काम शुरू किया ही था कि लॉकडाउन हो गया। इसका असर पड़ा है, लेकिन कोशिश की जा रही है कि फरवरी, 2022 तक पूरा काम कर लिया जाए। हमारी 7 में से 5 साइट पर काम शुरू हो चुका है। -महेश गौतम प्रोजेक्ट मैनेजर, जलनिगम
अक्तूबर, 2021 तक गंगाजल दिलाने की कोशिश
दक्षिण क्षेत्र के विधायक योगेंद्र उपाध्याय का कहना है कि लॉकडाउन के कारण जो काम प्रभावित हुआ है, उसे जल्द पूरा करने के लिए जल निगम अधिकारियों से कहा गया है। उनकी कोशिश है कि अक्तूबर, 2021 तक लोग गंगाजल का आचमन कर सकें।