एनजीटी ने ताज टेनरी पर यमुना में पहुंची सिल्ट को एक सप्ताह में साफ करने के निर्देश तो दिए ही गए थे, यमुना किनारे ताज के दोनों ओर दीवार भी बनानी थी, लेकिन अधिकारियों ने इसके लिए न तो कोई बैठक की और न ही चर्चा। 15 दिनों के अंदर कार्य योजना बनाकर एनजीटी की सुनवाई में उसे पेश करना था।
एनजीटी में ताजमहल के आगे ताज टेनरी पर गंदगी की सफाई मामले में 18 दिसंबर को सुनवाई होगी। नगर निगम, जल निगम, प्रशासन के अधिकारी एनजीटी के आदेश पर अभी भी लापरवाही बरत रहे हैं, लेकिन एएसआई में इस आदेश के बाद हड़कंप मचा हुआ है। दरअसल, एएसआई की ओर से एनजीटी में पेश अधिवक्ता ने एएसआई मुख्यालय को कोर्ट के मौखिक निर्देशों की जानकारी देते हुए कहा है कि जल्द से जल्द कार्य योजना बनाकर पेश की जाए। इसमें उन्होंने एनजीटी द्वारा मौखिक रूप से ताज के पीछे नालों को पूरी तरह से बंद करने और दीवार बनाने के निर्देश दिए जाने का जिक्र किया है। हालांकि नगर निगम नालों को न तो टेप कर पाया है और न ही बंद। सफाई के नाम पर नगर निगम ने कर्मचारी लगाए हैं। एएसआई में नालों के आगे बनने वाली दीवार के लिए दिल्ली मुख्यालय से निर्देश आए हैं।
टेनरी पर सफाई, ताज पर पार्क
एनजीटी ने टेनरी पर सफाई करने के निर्देश दिए, लेकिन एएसआई ऐसे ही सिल्ट पर ताजमहल के ठीक पीछे पार्क बना चुका है। 12 साल पहले तत्कालीन पर्यटन मंत्री के दौरे में ताज के पीछे प्लास्टिक की बोतलें, चिप्स के पैकेट और सिल्ट देखकर मंत्री ने सफाई के निर्देश दिए थे, लेकिन एएसआई अधिकारियों ने यहां मिट्टी डालकर घास लगा दी। बाद में सुरक्षा के नाम पर कंटीले तार लगाकर पूरे पार्क को कवर कर दिया। एनजीटी में 18 दिसंबर को होने वाली सुनवाई में ताजमहल के पीछे पार्क बनाने के इस मामले की भी शिकायत हो सकती है।