आगरा में इस बार ताज महोत्सव नहीं होगा। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते तीसवें साल में पहली बार ताज महोत्सव का आयोजन नहीं होगा। ताजनगरी में 1992 में ताज महोत्सव शुरू हुआ था और 2020 तक लगातार इसका आयोजन होता रहा।
इस वर्ष 30वां संस्करण नहीं हो रहा है। हर वर्ष फरवरी माह में ताज महोत्सव का आयोजन होता था। जिसके लिए नंवबर माह से तैयारियों का दौर शुरू होता था। ताज महोत्सव की थीम और गीत के लिए प्रतियोगिताएं होती थी। चुनावी वर्ष में ताज महोत्सव का कार्यक्रम एक से दो महीने के लिए आगे हो जाता था।
'स्मार्ट सिटी' की रैंकिंग में एक पायदान नीचे पहुंचा आगरा, अहमदाबाद से मामूली अंक से पिछड़ा
उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस का संक्रमण बीते वर्ष शुरू हुआ था। इसी कारण प्रदेश सरकार ने इस बार किसी भी बड़े महोत्सव के आयोजन को लेकर बेहद सतर्कता बरती है। आगरा का ताज महोत्सव भी कोरोना वायरस के प्रकोप और इसके नये स्ट्रेन के कारण स्थगति कर दिया गया है।
पर्यटकों के साथ-साथ व्यापारियों के लिए भी बड़ा झटका
ताज महोत्सव का आयोजन न होने से पर्यटकों के साथ-साथ व्यापारियों के लिए भी बड़ा झटका है। दस दिनी महोत्सव में हमेशा पर्यटकों के साथ बड़ी संख्या में व्यापारी आगरा में एकत्र होते थे।
दुनियाभर से पर्यटक हर वर्ष आगरा में ताजमहल का दीदार करने आते हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण लंबे लॉकडाउन के बाद कोविड प्रोटोकॉल के कारण करीब दस महीने से यहां पर पर्यटकों का आना बंद है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर बंदिश के कारण भी यहां का पर्यटन उद्योग काफी प्रभावित हो गया है।
दस दिनी होता था ताज महोत्सव
ताज महोत्सव के दौरान आगरा का माहौल काफी खास हो जाता था। दस दिनी इस ताज महोत्सव में तरह-तरह के रंगारंग कार्यक्रम, गीत-संगीत, नृत्य, बॉलीवुड नाइट, कला-संस्कृति और लजीज व्यंजनों का लोग लुत्फ उठाने के लिए पहुंचते थे। शिल्पग्राम में आयोजित होने वाले इस महोत्सव को उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग आयोजित करता है। ताज महोत्सव की शुरुआत साल 1992 से हुई थी।