ताज महोत्सव में मुक्ताकाशीय मंच के पार्श्व में इस बार ताज नहीं आगरा किला दिखाई देगा। शिल्पग्राम का मुख्य द्वार अकबर टूम के रूप में होगा। शहर के अन्य स्मारकों को भी शिल्पग्राम में तस्वीरों या मॉडल में प्रदर्शित किया जाएगा। इनमें फतेहपुरसीकरी स्मारक भी होगा। ताज महोत्सव 18 फरवरी से शुरू हो रहा है।
पर्यटन विभाग का कहना है कि ताज महोत्सव मेें पर्यटकों के सामने ताज के अलावा आगरा के अन्य पर्यटन स्थलों का भी प्रचार किया जाना है। ताज महोत्सव में साजसज्जा कर रही कंपनी एसओएस शिल्पग्राम के मुक्ताकाशीय मंच की सज्जा तो अलग कर ही रही है, परिसर में भी भारतीय संस्कृति की थीम पर सजावट हो रही है।
आगरा किले के दीवाने खास और मुसम्मन बुर्ज को भी तस्वीरों और कलाकृतियों में स्थान दिया जा रहा है। एत्माद्दौला (बेबी ताज) स्मारक भी चित्रों में दिखेगा। शिल्पियों के लिए बनाए जा रहे स्टॉलों को अग्निरोधी बनाया जा रहा है।
शिल्पग्राम के खंभों पर दिखेंगे शिव, श्रीकृष्ण के साथ शाहजहां, मुमताज के चित्र
शिल्पग्राम परिसर में बने 135 खंभों पर प्रयागराज के कलाकार 275 चित्र बना रहे हैं। इन चित्रों में अर्धनारीश्वर के रूप में भगवान शिव, रास रचाते राधा-कृष्ण हैं तो मुगल शहंशाह शाहजहां, मुमताज, गुरुनानक देव होंगे। भारतीय ग्रामीण परिवेश को दर्शाते खेत, किसान और चौपाल के चित्र भी हैं। गीत-संगीत की विविध विधाएं भी दिखाई जा रही हैं।
किले को स्थान देना ठीक प्रचार की कमी साल रही
ताज महोत्सव में ताज की जगह आगरा किला को मुख्य मंच पर स्थान देना अच्छा प्रयास है। महोत्सव के कार्यक्रमों का प्रचार प्रसार करना भी जरूरी होता है, ताकि पर्यटक इसके मुताबिक अपना कार्यक्रम तय कर सकें, इसका नितांत अभाव है। -राकेश चौहान, अध्यक्ष, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन
थीम के मुताबिक है सजावट
शिल्पग्राम को ताज महोत्सव के लिए सजाने के लिए हर बार नई थीम होती है। इस दफा की थीम भारतीय संस्कृति के आधार पर है। ऐसे में ताज, किला समेत प्रमुख स्मारकों को स्थान देना अच्छा है। -संदीप अरोरा, पर्यटन उद्यमी
ताज महोत्सव में हर दफा साज सज्जा के लिए अलग तरीके से होती है। इस बार कुछ और बदलाव किए हैं, ताकि पर्यटकों में महोत्सव के प्रति आकर्षण और बढ़ सके। -अमित, उप निदेशक पर्यटन