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बीएड फर्जीवाड़ा: तथाकथित शिक्षकों के लिए नए फरमान जारी, हर सोमवार को लगाएंगे 'हाजिरी'

Fri, 14 Feb 2020 03:24 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के बीएड सत्र 2004-05 की फर्जी डिग्री व टेंपर्ड प्रमाणपत्र लगाकर परिषदीय स्कूलों में नौकरी कर रहे शिक्षकों की रिपोर्ट अब हर हफ्ते देनी होगी। सचिव, बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया है कि शिक्षकों के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई से अवगत कराया जाए। 
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प्रत्येक सोमवार को जांचों की समीक्षा और साप्ताहिक प्रगति निर्धारित फार्मेट पर देनी होगी। सचिव स्तर से तीन प्रोफार्मा भी दिया गया। 24 जनवरी को 2020 को परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में अनियमित व फर्जी रूप से नियुक्त शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए थे। उसकी रिपोर्ट भी मांगी गई थी।

शिक्षकों पर नहीं हो पाई है कार्रवाई 
बीएड वर्ष 2004-05 फर्जीवाड़े में एसआईटी की सूची से प्रदेश में सर्वाधिक 249 शिक्षक आगरा जिले में चिह्नित किए गए हैं। बीएसए कार्यालय में अग्निकांड होने से विभाग के पास शिक्षकों के अभिलेख नहीं है। मामले में किसी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाई है। विभागीय अधिकारी डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से सूची को प्रमाणित कराने में लगे हैं। 
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विश्वविद्यालय प्रशासन ने 2824 अंकपत्रों को फर्जी माना है। एक-दो दिन में ही चिह्नित फर्जी शिक्षकों की सूची को विश्वविद्यालय से प्रमाणित कराया जाएगा। जिन शिक्षकों के नाम फर्जी मान लिए गए है वह अंकपत्रों की सूची में शामिल होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - राजीव कुमार यादव, बेसिक शिक्षा अधिकारी

ये रिपोर्ट देनी है हर हफ्ते - (प्रारूप-क) फर्जी व टेंपर्ड प्रमाणपत्र धारी अध्यापक का नाम, पिता/पति का नाम, सेवा समाप्ति की कार्रवाई हो गई या नहीं, एफआईआर दर्ज कराने की स्थिति, एफआईआर दर्ज न होने का कारण, यदि स्थगन आदेश प्राप्त है तो स्टे वेकेशन पिटीशन न्यायालय में दाखिल की गई या नहीं, रिकवरी के लिए की गई कार्रवाई, ऐसे अध्यापकों का वितरण जिन्होंने अपना पैन नंबर बदला हो, अभियुक्ति। प्रारूप ‘ख’ में संख्या बतानी है।

वर्ष 2010 के बाद नियुक्त फर्जी शिक्षकों का भी ब्योरा देना है
प्रारूप ‘ग’ में वर्ष 2010 के बाद परिषदीय स्कूलों में अनियमित व फर्जी रूप से नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों का ब्योरा मांगा गया है। बीएसए कार्यालय में अग्निकांड के बाद से यह जांच भी जिले में लटकी हुई है। 
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