सात दशक से भारत-अमेरिका संबंधों का गवाह रहा ताज
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ताजमहल पिछले सात दशक से दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका और सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के बीच मजबूत संबंधों का गवाह रहा है। ताजमहल देखने वाले डेविड आइजनहावर पहले अमेरिकी राष्ट्रपति थे। बिल क्लिंटन और डोनाल्ड ट्रंप भी इस अजूूबे के मुरीद रहे। रिचर्ड निक्सन, जिमी कार्टर, बराक ओबामा और जॉर्ज डब्ल्यू बुश की इसे निहारने की ख्वाहिश अधूरी रही।
पहली भारत यात्रा पर आए अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेम्स डेविड वेंस ने बुधवार को पत्नी उषा और बच्चों संग ताज का दीदार किया। वर्ष 1959 में अमेरिकी राष्ट्रपति डेविड आइजनहावर आगरा की सड़कों पर खुली जीप में घूमे थे। तब पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू संग इंदरा गांधी भी आगरा आई थीं। आइजनहावर के बाद वर्ष 2000 में अमेेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने बेटी चेल्सी संग सफेद संगमरमर के इस नायाब शाहकार को देखा था। क्लिंटन की इस यात्रा के दौरान आगरा में उनके रूट पर सुरक्षा काफी कड़ी थी। सड़क निर्जन थी।उन्होंने आगरा को भुतिहा शहर का नाम दिया था। क्लिंटन के बाद वर्ष 2020 में डोनाल्ड ट्रंप ने पत्नी मेलानिया व बेटी इवांका के साथ ताजमहल को निहारा था।
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इन राष्ट्रपतियों की ख्वाहिश रही अधूरी
अमेरिका के चर्चित राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन भी भारत आए थे। 1978 में जिमी कार्टर फिर 2006 में जॉर्ज डब्ल्यू बुश और 2015 में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भारत आए। लेकिन इनकी ताजमहल को करीब से निहारने की ख्वाहिश पूरी नहीं हुई। बराक ओबामा और जॉर्ज डब्ल्यू बुश सुरक्षा कारणों से आगरा नहीं आ सके थे।
आतंकवाद के खिलाफ दोनों साथ खड़े
अमेरिका और भारत के बीच आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, द्विपक्षीय व्यापार व निवेश के अलावा वैश्विक सुरक्षा मामलों में सहयोग रहा है। अमेरिका और भारत दोनों आतंकवाद के खिलाफ साथ खड़े रहते हैं। अमेरिका-भारत के बीच घनिष्ठ और कूटनीतिक संबंधों का भी ताज हमराज रहा है।
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रूस के राष्ट्रपति भी आए थे आगरा
अमेरिका के अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, फिलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास और पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ भी ताजमहल के दीदार की हसरत लिए आगरा आ चुके हैं। ताजमहल को मुगलों ने 17वीं सदी में बनवाया था। दुनियाभर से राष्ट्रध्यक्ष ही नहीं, लाखों पर्यटक इसकी एक झलक पाने के लिए खिंचे चले आते हैं।