ताजमहल की 500 मीटर की परिधि में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक के लिए 26 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश किया था। आगरा विकास प्राधिकरण ने 17 जनवरी तक की छूट दी है।
ताजमहल के 500 मीटर दायरे में व्यापारिक गतिविधियों को बंद करने और पश्चिमी गेट की 71 दुकानों के मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई सात दिन के लिए टल गई। अब सात नवंबर को सुनवाई होगी। आगरा विकास प्राधिकरण के विरुद्ध दायर दो याचिकाओं में संवैधानिक पीठ सुनवाई करेगी।
विज्ञापन
ताज पश्चिमी गेट मार्केट एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई के बाद 26 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने समानता के अधिकार का हवाला देते हुए आगरा विकास प्राधिकरण को ताजमहल की दीवार से 500 मीटर परिधि में सभी व्यावसायिक गतिविधियां बंद कराने के आदेश दिए थे। जिसके अनुपालन के लिए एडीए ने व्यापारियों को नोटिस देकर 17 जनवरी तक समय दिया है। विरोध में प्रभावित व्यापारियों की संस्था ताजगंज वेलफेयर फाउंडेशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
दूसरी याचिका ताज पश्चिमी गेट मार्केट एसोसिएशन ने 21 साल पहले हटाए 71 दुकानदारों को एडीए द्वारा सुविधाएं नहीं देने के संबंध में दायर की है। दोनों याचिकाओं पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ में सुनवाई होनी थी, लेकिन सीबीआई के मामले पर सुनवाई के कारण ताजगंज मामले में सुनवाई नहीं हो सकी।
विज्ञापन
याचिका दायर करने वाले संदीप अरोरा ने बताया कि अब 7 नवंबर को कोर्ट मामले को सुनेगी। वहीं, पश्चिमी गेट एसोसिएशन की तरफ से याचिका करने वाले अमर सिंह राठौर ने बताया कि वह एडीए द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं कराने के संबंध में अपना पक्ष रखेंगे।