शरद पूर्णिमा पर ताजमहल की दीदार (फाइल फोटो)
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ताजमहल के रात्रि दर्शन (नाइटव्यू) की व्यवस्थाओं में 15 साल बाद बदलाव किया गया है। 13 अगस्त से शुरू हो रहे ताजमहल के नाइटव्यू के दौरान पर्यटकों की चेकिंग पूर्वी गेट की जगह पाठक प्रेस से सटे रेवती के बाड़े में बने नए टर्न स्टाइल गेट परिसर में होगी। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने नाइटव्यू के लिए नई व्यवस्थाओं को तय किया है।
पूर्णिमा पर पांच रातों में ताजमहल के दीदार की व्यवस्था 2004 में शुरू की गई थी। पूर्णिमा से दो दिन पहले और दो दिन बाद रात में 8:30 बजे से रात 12:30 बजे तक आठ बैच में ताजमहल के दीदार की अनुमति है।
हर बैच में 50 पर्यटकों को ताज के रात्रि दर्शन का मौका मिलता है। इन पर्यटकों की चेकिंग के लिए पूर्वी गेट पर नगर निगम की इमारत में स्कैनर और डीएफएमडी लगाया गया था, जो 15 साल के लंबे अंतराल में जर्जर हो चुका है।